पाकिस्तान के चीफ जस्टिस के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे जस्टिस मदन लोकुर, कहा- इंसाफ बॉर्डर नहीं देखता
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी लोकुर 18 जनवरी को पाकिस्तान के चीफ जस्टिस की ताजपोशी के लिए इस्लामाबाद जाएंगे। जस्टिस आसिफ सईद खान खोसा को पाकिस्तान का नया मुख्य न्यायधीश नियुक्त किया गया है। 18 जनवरी को उन्हें शपथ दिलाई जाएगी। जस्टिस लोकुर ने कहा, 'इंसाफ सीमाएं नहीं देखता' और इसी बात के साथ ही उन्होंने पाकिस्तान जाने की बात की भी पुष्टि कर दी। जस्टिस लोकुर के मुताबिक वह जस्टिस आसिफ सईद खान को तब से जानते हैं जब वह लाहौर हाई कोर्ट में थे।

पहले भी पाकिस्तान जा चुके हैं लोकुर
जस्टिस लोकुर ने खोसा को एक 'शिक्षित, साफ-साफ बात करने वाला और एक अच्छा इंसान' बताया है। लोकुर ऐसे समय में इस्लामाबाद जा रहे हैं जब भारत और पाकिस्तान के राजनयिक रिश्तों में बर्फ जमी हुई है। हालांकि यह पहला मौका नहीं जब लोकुर पड़ोसी मुल्क में किसी शपथ ग्रहण के लिए जा रहे हैं। लोकुर इससे पहले चीफ जस्टिस रहे जस्टिस तस्सादुक हुसैन जिलानी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए भी पांच वर्ष पहले पाकिस्तान गए थे। लोकुर पिछले वर्ष जनवरी में हुई उस विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल थे जिसे तत्तकालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ बुलाया गया था। जस्टिस लोकुर चार दिसंबर को रिटायर हो चुके हैं।

कौन हैं जस्टिस लोकुर
इसके अलावा लोकुर उस बेच का भी हिस्सा थे जिसने यौन उत्पीड़न के पीड़ितों की निजी पहचान गुप्त रखने से संबधित फैसला दिया था। सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले में कहा गया था कि पीड़ितों की पहचान और उनकी प्रतिष्ठा सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इस बाबत कोर्ट की तरफ से खास निर्देश भी जारी किए गए थे। इसके अलावा जब दिल्ली बीजेपी के प्रेसीडेंट और सांसद मनोज तिवारी ने सितंबर में सीलिंग के खिलाफ तोड़फोड़ करके अपनी नाराजगी जताई थी तो उस समय लोकुर ने ही उनके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया था।

कौन हैं जस्टिस आसिफ सईद खोसा
जस्टिस आसिफ सईद खोसा 18 फरवरी 2010 में सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए थे। इससे पहले उन्होंने कई वर्ष लाहौर हाई कोर्ट में अपनी सेवाएं दीं। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने खोसा को बेदखल कर दिया था। फरवरी 2016 में तीन जजों वाली बेंच जिसका नेतृत्व खोसा कर रहे थे, उसने मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह के केस में ट्रायल शुरू किया था। इसके अलावा पाक के पूर्व पीएम युसूफ रजा गिलानी के मानहानि केस की सुनवाई भी खोसा की अगुवाई वाली बेंच ने की थी।












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