Former Protest: 'सरकार ने अब तक गंभीरता नहीं दिखाई...मांगें ज्यों की त्यों', जगजीत सिंह दल्लेवाल
अपनी मांगों को लेकर 'दिल्ली चलो' अभियान के तहत सैंकडों किसान देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचे। प्रदर्शनकारी किसान पंजाब-हरियाणा सीमा पर शंभू के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले दागे।
दिल्ली की ओर मार्च कर रहे किसानों की पुलिस के साथ झड़प हुई। किसानों ने एक दिन की झड़प के बाद कहा कि फिलहाल संघर्ष विराम है, कल फिर कोशिश करेंगे।

एसकेएम (गैर-राजनीतिक) नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने चल रहे किसानों के विरोध पर मीडिया को संबोधित किया। किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि पीएम मोदी देश से बाहर जाते हैं तो कहते हैं कि भारत दुनिया का सबसे बडा लोकतंत्र है। यदि, यह लोकतंत्र है तो, इसमें हर किसी को अपनी बात करने का मौका दिया जाना चाहिए। हमारे संविधान ने हमें हक दिया हुआ है।
दल्लेवाल ने आगे कहा कि हम जो कह रहे हैं वह कोई नई मांग नहीं है। वह सरकार द्वारा हमसे की गई प्रतिबद्धता थी। हमने उन प्रतिबद्धताओं की ओर सरकार का ध्यान बार-बार आकर्षित करने की कोशिश की थी। लेकिन सरकार आज तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई। दल्लेवाल ने कहा कि जब हम एमएसपी कानून की मांग करते हैं, तो उनकी प्रतिक्रिया अलग होती है। जब हम ऋण के बारे में बात करते हैं, तो कोई सहमती नहीं बनती। स्वामीनाथन रिपोर्ट पर कोई सहमत नहीं बनती। हमारी एक भी मांग नहीं मांगी गई थी।
वहीं, 'दिल्ली चलो' आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई पर किसान नेता सरवन सिंह ने कहा कि यह शर्मनाक है कि मोदी सरकार ने किसानों पर 'हमला' किया।












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