राजनीतिक पार्टियों को विदेशों से मिले चंदे की नहीं करानी होगी जांच, मोदी सरकार ने पास कराया बिल
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने हाल ही में लोकसभा में बिना किसी बहस के फाइनेंस बिल को पास करा लिया। इस फाइनेंस बिल 2018 में 21 संसोधन किए गए हैं जिसमें एक महत्वपूर्ण संसोधन राजनीतिक पार्टियों को विदेशों से मिलने वाले चंदे से जुड़ा था। लोकसभा में पास हुए फाइनेंस बिल के नए नियमों के मुताबिक अब राजनीतिक पार्टी को विदेशों से मिलने वाले चंदों की जांच नहीं करानी होगी।

फाइनेंस बिल 2018 में FCRA एक्ट 2010 में बदलाव किया गया है। बदलाव के बाद अब ये बिल 2010 की जगह 1976 से लागू होगा। यानी कि इन नए नियम के मुताबिक राजनीति पार्टियों को 1976 के बाद से मिले सभी विदेशी चंदों की अब जांच नहीं करानी पड़ेगी। यानी कि ये सभी चंदे अब पूरी तरह से वैध हो गए हैं।
बता दें कि हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में देश की दोनों सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा और कांग्रेस को FCRA एक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया था। हाईकोर्ट ने दोनों ही पार्टियों को फटकार लगाते हुए विदेशी चंदे की स्क्रूटनी कराने को कहा था। लेकिन अब मोदी सरकार के द्वारा पास कराए गए इस फाइनेंस बिल के बाद दोनों ही पार्टियों को राहत मिल गई है।
इन सबके बीच फाइनेंस बिल पर लोकसभा के कई सांसदों ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को चिट्ठी लिखी है। सांसदों ने कहा है कि लोकसभा में फाइनेंस बिल के लिए पहले से कोई समय और तारीख निश्चित नहीं हुई थी। संसदीय मार्यदाओं को ध्यान में रखें तो बिना सभी दलों से बात किए बिना फाइनेंस बिल को पास कराने और चर्चा करने की तारीख और समय का निर्धारण नहीं कर सकते लेकिन ऐसा किया गया। बिना ना सदन में चर्चा किए बिना ऐसा करना सरकार का दम्भ दिखाता है और एकतरफा फैसला है।












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