Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

S-400 मिसाइलों ने ढेर किए पाकिस्तान के 5 जेट, ऑपरेशन सिंदूर पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने किया बड़ा खुलासा

भारतीय वायु सेना (IAF) प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह (AP Singh) ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी वायु सेना के कम से कम पांच विमानों को मार गिराया। उन्होंने यह बात बेंगलुरु मे एयर मार्शल कात्रे एनुअल लेक्चर के दौरान कही।

इस कार्यक्रम के दौरान वायुसेना प्रमुख ने कहा कि शाहबाज जैकबाबाद हवाई अड्डे (Shahbaz Jacobabad airfield) पर खड़े पाकिस्तानी वायु सेना के कुछ एफ-16 लड़ाकू विमान भी नष्ट हो गए। इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुरीद और चकलाला जैसे दो कमांड और कंट्रोल सेंटर भी क्षतिग्रस्त हो गए।

Air Chief Marshal AP Singh

S-400 ने PAK को पहुंचाया भारी नुकसान
उन्होंने कहा कि, 'हमारी वायु रक्षा प्रणालियों ने शानदार काम किया है। एस-400 प्रणाली, जिसे हमने हाल ही में खरीदा था, एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हुई है। इस प्रणाली की मारक क्षमता ने उनके विमानों को उनके हथियारों, जैसे कि उनके पास मौजूद लंबी दूरी के ग्लाइड बमों से दूर रखा है, लेकिन वे उनमें से किसी का भी इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं क्योंकि वे इस प्रणाली को भेद नहीं पाए हैं।'

पांच लक्ष्यों को मार गिराने की पुष्टि
उन्होंने बताया कि पांच लक्ष्यों को मार गिराने की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से एक बड़ा विमान था, जो शायद ELINT (इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस) या AEW\&C (एयर अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल) विमान हो सकता है। इसे करीब 300 किलोमीटर की दूरी से गिराया गया था। यह अब तक का सबसे बड़ा सतह से हवा में मार गिराने का रिकॉर्ड माना जाता है।

एयर चीफ मार्शल ने बताया क्यों किया सीजफायर
भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बेंगलुरु में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कई अहम बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान लोग अपने अहंकार को छोड़कर काम करने लगे थे। जब हमारा मकसद पूरा हो गया, तो हमें सभी अवसरों का लाभ उठाकर युद्ध को रोक देना चाहिए था। कुछ करीबी लोगों ने कहा, 'और मारना था,' लेकिन क्या हम लगातार युद्ध में रह सकते हैं? उन्होंने बताया कि राष्ट्र ने सही निर्णय लिया है।

बालाकोट ऑपरेशन की तुलना और सूचना की कमी
एयर चीफ मार्शल ने बताया कि बालाकोट ऑपरेशन के दौरान अंदर से कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई थी, जिससे जनता को यह समझाना मुश्किल हो गया था कि हमने क्या हासिल किया है। हालांकि उनके पास मानव और तकनीकी खुफिया सूचनाएं थीं, जिनसे पता चला था कि अंदर भारी नुकसान हुआ और कई आतंकवादी नष्ट हुए, फिर भी उन्हें अपनी जनता को मनाना कठिन था। इस बार ऑपरेशन सिंदूर में वे सफल रहे और दुनिया को स्पष्ट रूप से बता सके कि उन्होंने क्या हासिल किया।

सरगोधा एयरफील्ड पर हमले का अनुभव
एयर चीफ मार्शल ने बताया कि एयर फोर्स में वे हमेशा ऐसे दिनों का सपना देखते थे जब वे सरगोधा जैसे एयरफील्ड पर हमला कर सकेंगे। रिटायर होने से पहले उन्हें यह मौका मिला और उन्होंने वहां के हवाई अड्डे को निशाना बनाया।

तकनीकी युद्ध और जल्दी शांति की पहल
उन्होंने कहा कि यह एक हाई-टेक युद्ध था। 80 से 90 घंटे के युद्ध में हमने इतना बड़ा नुकसान किया कि दुश्मन को समझ आ गया कि अगर वे जारी रखेंगे तो और ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके बाद उन्होंने हमारे डीजीडीएमओ को बातचीत का प्रस्ताव भेजा, जिसे हमने स्वीकार कर लिया।

राजनीतिक इच्छाशक्ति और सैन्य समन्वय की भूमिका
एयर चीफ मार्शल ने सफलता का एक बड़ा कारण राजनीतिक इच्छाशक्ति को बताया। उन्हें स्पष्ट निर्देश मिले और कोई बाधा नहीं डाली गई। यदि कोई सीमा थी तो वह स्व-निर्मित थी। उन्होंने बताया कि हम पूरी आज़ादी से योजना बना सके और हमला किया। तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल था और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बहावलपुर हमले की तस्वीरें और न्यूनतम साइड इफेक्ट
उन्होंने बहावलपुर में हमले की तस्वीरें भी साझा कीं, जिसमें नुकसान स्पष्ट था, लेकिन आसपास की इमारतें सुरक्षित रहीं। उपग्रह तस्वीरों और स्थानीय मीडिया के अंदरूनी चित्रों ने हमले की प्रभावशीलता की पुष्टि की।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+