मोदी सरकार के पहले 100 दिन, महिला, युवा, अल्पसंख्यक, किसानों के लिए बड़े फैसले, क्या- क्या बदला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीसरी बार सत्ता में 100 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान किसानों, युवाओं, महिलाओं समेत बुनियादी ढांचे से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। केंद्र ने 100 दिनों के अंदर 15 लाख करोड़ रुपये की ऐसी परियोजनाएं शुरू की गईं, जिनका उद्देश्य समाज के आर्थिक विकास से साथ आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। मोदी सरकार ने पिछले कुछ दिनों के भीतर महिलाओं, मध्यम वर्ग, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों, युवाओं किसानों और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है।
2024 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान शुरू करने से पहले, पीएम मोदी ने अधिकारियों को तीसरी एनडीए सरकार के पहले 100 दिनों के भीतर पूरा करने के लिए कई कार्य दिए थे। केंद्र सरकार ने एक बयान में कहा कि सड़क, रेलवे, बंदरगाह और वायुमार्ग पर प्राथमिक ध्यान देने के साथ 100 दिनों में 3 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें 900 किलोमीटर से अधिक लंबी आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड रोड कॉरिडोर परियोजनाओं की मंजूरी शामिल है।

इसके अलावा 76,200 करोड़ रुपये की लागत से महाराष्ट्र में वधावन मेगा पोर्ट की मंजूरी भी शामिल है, जो दुनिया के शीर्ष 10 बंदरगाहों में से एक होगा। सरकार ने लद्दाख को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने के लिए शिनखुन-ला सुरंग की आधारशिला भी रखी। वहीं विकसित आदिवासी ग्राम अभियान के तहत, 63,000 आदिवासी गांवों को विकसित करने की मंजूरी दी गई, जिससे 5 करोड़ आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधरने का दावा किया जा रहा है।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी की। इस किस्त के जरिए 9.3 करोड़ किसानों को 20,000 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। एक बयान के मुताबिक, अब तक कुल 12 करोड़ 33 लाख किसानों को 3 लाख करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है। सरकार की इस घोषणा से देश के करीब 12 करोड़ किसानों को लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ।
आयकर में कटौती से मध्यम वर्ग को राहत
सरकारी बयान में कहा गया है कि एनडीए सरकार ने 7 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगाने की घोषणा की, जिससे वेतनभोगी व्यक्तियों को 17,500 रुपये तक कर बचाने में मदद मिली। केंद्र ने कहा, "मानक कटौती बढ़कर 75,000 रुपये और पारिवारिक पेंशन के लिए छूट सीमा 25,000 रुपये कर दी गई है। आयकर नियमों की व्यापक समीक्षा छह महीने के भीतर की जाएगी ताकि उन्हें संक्षिप्त, स्पष्ट और समझने में आसान बनाया जा सके।" इसके अलावा पीएम मोदी ने एकीकृत पेंशन योजना भी लागू की, जिसके तहत 25 साल की सेवा वाले सरकारी कर्मचारियों को उनके औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में दिया जाएगा।
महिलाओं के लिए बड़े कदम
मोदी सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अपने पहले 100 दिनों में 11 लाख नई 'लखपति दीदियों' को सर्टिफिकेट दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 करोड़ से ज्यादा 'लखपति दीदियां' अब हर साल 1 लाख रुपये से ज्यादा कमाती हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार ने मुद्रा लोन 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया है।
युवा सशक्तिकरण एवं कौशल विकास
पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने युवाओं के बीच सशक्तिकरण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की है। लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 41 मिलियन युवाओं को लाभान्वित करना है। केंद्र सरकार ने 15,000 से अधिक नई नियुक्तियों की भी घोषणा की है, और पहली बार ईपीएफओ के तहत आने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन तीन किस्तों में जारी किया जाएगा।












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