सरकार रिजर्व बैंक की स्वायत्ता और आजादी की तरफदार: वित्त मंत्रालय
भारतीय रिजर्व बैंक के कर्मचारियों के गवर्नर उर्जित पटेल को लिखी चिट्ठी में नोटबंदी को अपमानित करने वाला फैसला बताए जाने के बाद वित्त मंत्रालय की ओर से सफाई आई है।
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्वायत्ता और आजादी पर सरकार के कब्जे को लेकर लगातार आलोचना का सामना कर रहे वित्त मंत्रालय ने इस पर सफाई दी है। भारतीय रिजर्व बैंक के कर्मचारियों के गवर्नर उर्जित पटेल को लिखी चिट्ठी में नोटबंदी को अपमानित करने वाला फैसला बताए जाने के बाद वित्त मंत्रालय की ओर से सफाई आई है।

वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि सरकार और मंत्रालय आरबीआई की स्वायत्ता के लिए प्रतिबद्ध है और मीडिया में इस तरह की जो रिपोर्ट आ रही हैं, उनका कोई मतलब नहीं है। आपको बता दें कि आरबीआई के कर्मचारियों ने गवर्नर उर्जित पटेल को भेजी चिट्ठी में कहा है कि नोटबंदी के बाद घटे घटनाक्रमों से वो खुद को अपमानित और लज्जित महसूस कर रहे हैं। पटेल को भेजी गई चिट्ठी में कर्मचारियों ने लिखा है नोटबंदी की प्रक्रिया के परिचालन में कुप्रबंधन और सरकार की ओर से करेंसी के संयोजन के लिए अलग से अफसर की नियुक्ति करने जैसी घटनाओं ने केंद्रीय बैंक की स्वायत्ता को चोट पहुंचाई गई है। पत्र में लिखा है कि इस कुप्रबंधन के कारण आरबीआई की स्वायत्तता और छवि को इतना ज्यादा नुकसान पहुंचा है कि उसे ठीक कर पाना अब आसान नहीं दिखता है।
पटेल को लिखे गए पत्र में यूनाइटेड फोरम ऑफ रिजर्व बैंक ऑफिसर्स एंड इम्पलाइज ने कहा है कि रिजर्व बैंक की स्वतंत्रता और दक्षता वाली छवि, यहां के कर्मचारियों की ओर से की गई मेहनत के कारण बनी थी, लेकिन इस सब को एक झटके में खत्म कर दिया गया। यह बहुत ही दुखद विषय है। इस पत्र और नोटबंदी में आरबीआई की सलाह ना लिए जाने की बात कहते हुए विपक्षी राजनीतिक पार्टियां और कई संस्थानों ने सरकार पर आरबीआई की स्वायत्ता को रौंद देने का आरोप लगाया है। जिसके बाद वित्त मंत्रालय ने इस पर सफाई दी है।
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