सरकार का किफायती अभियान, चुनावी साल में नहीं होगी नई भर्तियां, 5 स्टार होटलों में मीटिंग पर भी बैन
नयी दिल्ली। बंढ़ती मंहगाई और रुपए में जारी गिरावट को कंट्रोल करने के लिए केन्द्र सरकार ने अपने खर्चों में कटौती करने का अभियान शुरु कर दिया है। सरकारी खजाने की खस्ता हालत सरकार की कमर तोड़ दी है, ऐसे में सरकार ने अपने शर्तों पर लगाम लगाने की शुरुआत कर दी है।
गैर जरूरी खर्चो की तेज रफ्तार से राजकोषीय घाटे पर आ रहे दबाव को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को खर्तों में कटौती करने का आदेश दिया है। वित्त मंत्रायल के आदेश के मुताबिक सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं में कटौती की गई है। इसके अलावा उन्हें बिजनेस या एक्जीक्यूटिव क्लास के बजाए इकॉनोमिकल क्लास में सफर करने का आदेश दिया गया है।

इतना ही नहीं सरकार के मंत्रालय और सरकारी विभागों के पांच सितारा होटलों में होने वाले बैठकों या कांफ्रेंसों पर भी रोक लगा दी गई है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.8 फीसद पर रखने का लक्ष्य रखा है। लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में हुई तेज गिरावट ने सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ा दिया है। इसके चलते न सिर्फ चालू खाते के घाटे पर दबाव बना है बल्कि राजकोषीय घाटा भी सरकार के लक्ष्य से ऊपर जाता दिख रहा है।
इसे देखते हुए वित्त मंत्रालय ने गैर योजना खर्च में 10 फीसद कटौती का मन बनाया है। वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को नई गाड़ियों की खरीद पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया है। सबसे चौकाने वाली फैसला ये कि चुनावी साल होने के बावजूद सरकार ने मंत्रालयों और सरकारी विभागों को 1 साल से अधिक समय से रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति नहीं करने का आदेश दिया है।
कैसे होगी कटौती
मंत्रालयों और विभागों के खाली पदों पर 1 साल तक नियुक्ति नहीं
5 स्टार होटलों में सरकारी मीटिंग और कॉन्फ्रेंस पर रोक
सरकारी अधिकारियों के विदेश यात्राओं में कटौती
हवाई यात्रा में बिजनेस क्लास के बजाए इकोनामी क्लास में सफर
हवाई यात्रा में पत्नी या सहयात्री के लिए टिकट पर पाबंदी
विभागों में नए वाहनों की खरीद पर पाबंदी
विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों का आकार छोटा रखने के आदेश












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