ABG Shipyard Case: वित्त मंत्री बोलीं-एनडीए सरकार ने एबीजी शिपयार्ड का बहुत कम समय में पता लगा कर कार्रवाई की
नई दिल्ली, 14 फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि एबीजी शिपयार्ड घोटाला केस में कार्रवाई की जा रही है। हमारी एनडीए सरकार ने बहुत कम समय में एबीजी शिपयार्ड धोखाधड़ी केस का पता लगाकर कार्रवाई की है। वित्त मंत्री ने विपक्षी पार्टी कांगेस को जवाब देते हुए कहा कि 2014 में हमारी सरकार बनने से पहले एबीजी शिपयार्ड को लोन अकाउंट एनपीए बन चुका था। इसलिए विपक्ष ये मामला उठाकर अपने पैरों पर कुल्हाडी मार रहा है।

बता दें राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को इस मामले में घेरते हुए एक ट.वीट किया था जिसमें उन्होंनें लिखा था 'मोदी काल में अब तक ₹5,35,000 करोड़ के बैंक फ़्रॉड हो चुके हैं- 75 सालों में भारत की जनता के पैसे से ऐसी धांधली कभी नहीं हुई. लूट और धोखे के ये दिन सिर्फ़ मोदी मित्रों के लिए अच्छे दिन हैं।
वित्त मंत्री एबीजी शिपयार्ड का अकाउंट नवंबर, 2013 में ही नॉन परफार्मिंग अकाउंट (NPA) घोषित हुआ था और फ्राड सामने आने के बाद कार्रवाही की जा रही है।
सीतारमण ने कहा इस बैंक के धोखाधड़ी का पता लगाया और सामान्य समय से अधिक 52-54 महीनों का निर्धारण किया। उन्होंने कहा प्रक्रिया 2014 से चल रही है। सामान्य तौर पर किसी भी खाते के लिए, धोखाधड़ी का निर्धारण करने में लगभग 52-54 महीने लगते हैं। मुझे बैंकों के क्रेडिट से कहना चाहिए, उन्होंने धोखाधड़ी का पता लगाने में बहुत कम समय लिया। एक फोरेंसिक ऑडिट किया गया था। सभी साक्ष्य एकत्र किए गए और केंद्रीय जांच ब्यूरो को दिए गए। इस बीच समानांतर में एक एनसीएलटी प्रक्रिया भी चल रही है।
वित्त मंत्री नई दिल्ली में आरबीआई की बोर्ड बैठक के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास के साथ एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित कर रही थीं।
एबीजी शिपयार्ड द्वारा कथित तौर पर 22,842 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी भारतीय बैंकिंग प्रणाली में अब तक की सबसे बड़ी धोखाधड़ी है। लीड बैंकर आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक थे लेकिन शिकायत सबसे पहले भारतीय स्टेट बैंक ने 2019 में सीबीआई को दर्ज की थी। सीबीआई ने देश के सबसे बड़ी बैंक फ्राड के मामले में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके तत्कालीन अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल सहित अन्य के मुकदमा दर्ज किया है!












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