जानें उन 9 संशोधनों को जिनके साथ भूमि विधेयक हुआ लोकसभा में पारित

नई दिल्ली| अन्ना हजारे और विपक्ष के कड़े विरोध और बहिष्कार के बावजूद मंगलवार को लोकसभा में भूमि अधिग्रहण विधेयक अंतत: पारित हो गया। किसानों और सिविल सोसायटी कार्यकर्ताओं द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं के समाधान के लिए सरकार ने हालांकि नौ संशोधन पेश किए।

आईये जानते हैं क्या हैं वो 9 संशोधन जिनके आधार पर लोकसभा में हुआ पारित..

* प्रस्तावित विधेयक में खास श्रेणियों के तहत भूमि अधिग्रहण करने के लिए सामाजिक आर्थिक मूल्यांकन करने और भूस्वामियों की सहमति लेने की जरूरत को हटा दिया गया है।
* भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, पुनर्वास, पुनस्र्थापना एवं पारदर्शिता विधेयक को संशोधित किया गया है।
* अब किसानों की बहुफसली जमीन नहीं ली जाएगी।
* अब सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की मंजूरी जरुरी हो गई है।
* आदिवासी क्षेत्र में पंचायत की सहमति जरूरी होगी।
* परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलेगी।
* रेलवे ट्रैक के दौनों तरफ एक-एक किलोमीटर जमीन का अधिग्रहण होगा।
* हाईवे के दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर जमीन का अधिग्रहण।
* बंजर जमीनों का अलग से रिकॉर्ड रखा जाएगा।
* और अपने हक के लिए अब किसान भी अपील कर सकेंगे।

मालूम हो कि 4 अप्रैल तक बिल का कानून बनना जरूरी है नहीं तो अध्यादेश रद्द हो जाएगा। अब इस विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा होगी, जहां नरेंद्र मोदी सरकार अल्पमत में है।स विधेयक ने दिसंबर में जारी एक अध्यादेश का स्थान लिया है। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार के पास दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाने का एक विकल्प है। विपक्ष का कहना है कि विधेयक किसानों की भेंट चढ़ाकर कारपोरेट को फायदा पहुंचाना है। व्यापार और बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए किसानों की जमीन ली जाएगी।

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