Fema case: ऑनलाइन स्टडी करवाने वाली चाइनीज कंपनी पिजन एजुकेशन टेक्नोलॉजी के ईडी ने जब्त किए 3.94 करोड़ रुपये
ऑनलाइन एजुकेशन देने वाली चाइना की कंपनी पिजन एजुकेशन टेक्नोलॉजी की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3.94 करोड़ रुपये की बड़ी रकम जब्त की है।
ईडी ने ये कार्रवाई विदेशी मुद्रा कानून फेमा 1999 की धारा 37A के उल्लंघन के मामले में की है। चाइनीज कंपनी से इस केस में अभी पर्वतन निदेशालय 12.25 करोड़ रुपये अभी और जब्त करेगा। इसके साथ ही कंपनी के रुपयों के लेनदेन की भी जांच ईडी करना शुरू कर चुकी है।

ईडी की जांच में ये खुलासा हुआ है कि चीनी नागरिक इस कंपनी के मालिक थे और ये कंपनी चलाते थे। कंपनी अतिरिक्त, विज्ञापन खर्चों की आड़ में कंपनी के खजाने से 82.72 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि धोखाधड़ी से चीन और हांगकांग ले जाया गया है। नकदी के इस अवैध ट्रांसफर को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
ईडी ने इस केस में अब तक 12.25 करोड़ रुपये की वसूली की है। जिसमें 3.94 करोड़ रुपये की शुरूआती राशि और इसके साथ पूछताछ के दौरान खोजी गई और जब्त की गई अन्य संपत्ति भी शामिल है।
ईडी द्वारा की गई ये कार्रवाई भविष्य की वित्तीय अनियमितताओं से बचने और यह गारंटी देने के लिए उठाए गए गलत तरीके से लिया गया धन वापस वसूलने से संबधित है।
पर्वतन निदेशाल द्वारा इतनी बड़ी रकम को जब्त करना वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ा कदम और भारत की वित्तीय प्रणाली की अखंडता को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बता दें भारत में ऐसी घटनाएं देश की आर्थिक स्थिरता को कमजोर करने के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरे में डालती हैं। ईडी और अन्य संबंधित अधिकारी सभी जिम्मेदार पक्षों को उनके कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए इस केस की गहन जांच करने में जुट चुके हैं।
बता दें चाइना की पिजन एजुकेशन टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड मामले में ईडी की 3.94 करोड़ रुपये की जब्ती चीनी नागरिकों की संदिग्ध भागीदारी और चीन और हांगकांग में धन के अनधिकृत ट्रांसफर का भी खुलासा करती हैं।
ईडी की ये कार्रवाई वित्तीय धोखाधड़ी को विफल करने और भारतीय वित्तीय प्रणाली की विश्वसनीयता की रक्षा करने के दृढ़ संकल्प को दिखाता है। ईडी अपराधियों पर मुकदमा चलाने और देश में होने वाली नई वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के अपने प्रयासों को आगे बढ़ाता रहेगा।












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