MP News: कृषक कल्याण वर्ष 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 फसलों पर की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने किसानों का कल्याण वर्ष 2026 की घोषणा की, जिसमें किसानों को ऊर्जा और उद्यमी भागीदारों के रूप में सशक्त बनाने के उपाय शामिल हैं। प्रमुख कदमों में MSP-आधारित समर्थन, गर्मियों में उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस और फसलों में विविधता लाने और आय बढ़ाने के लिए चना, मसूर और तुअर की योजनाबद्ध खरीद शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा सत्र के दौरान ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ पर वक्तव्य देते हुए किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि किसानों का सशक्तिकरण प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है और इसी संकल्प के साथ वर्ष 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को केवल ‘अन्नदाता’ ही नहीं, बल्कि ‘ऊर्जादाता’ और ‘उद्यमी’ के रूप में भी सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने उड़द, सरसों, चना, मसूर और तुअर जैसी प्रमुख फसलों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष सरसों के रकबे में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और अनुमानित उत्पादन 15.71 लाख मीट्रिक टन है। जनवरी माह में सरसों की औसत मंडी दर करीब 6000 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रुपये प्रति क्विंटल है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भावांतर योजना के तहत सरसों उपज की प्रतिपूर्ति करने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को एमएसपी से कम कीमत मिलने पर अंतर की भरपाई की जा सके। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत किसानों को उनके रकबे और औसत उत्पादकता के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
उड़द पर मिलेगा 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
मुख्यमंत्री ने बताया कि दलहनी फसलों के संतुलित उत्पादन और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए ग्रीष्मकालीन उड़द फसल पर प्रति किसान 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया गया है। यह प्रोत्साहन राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त दी जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों को मूंग के स्थान पर उड़द की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।
चना और मसूर का समर्थन मूल्य पर उपार्जन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत चना के लिए 6.49 लाख मीट्रिक टन और मसूर के लिए 6.01 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। चना और मसूर की खरीद 24 मार्च से 30 मई 2026 तक प्रस्तावित है। इसके लिए किसानों का पंजीयन 20 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक किया जा रहा है।
तुअर उपार्जन के लिए भी प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ फसल तुअर के लिए 1.31 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है। यह खरीद केंद्रीय एजेंसियों नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली और पानी उपलब्ध कराने, कृषि ऋण की सुविधा देने और फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों से किसानों की आय में वृद्धि होगी और "समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश" का लक्ष्य साकार होगा।












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