'जरूरत पड़ी तो 2024 तक करेंगे आंदोलन...', ट्रैक्टर रैली में किसानों का हल्ला बोल, देखिए 10 खास तस्वीरें
हजारों की संख्या में ट्रैक्टर लेकर किसान सड़कों पर उतरे और सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा, पंजाब और वेस्ट यूपी सहित कई राज्यों के किसानों ने गुरुवार को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे सहित दिल्ली की चार सीमाओं पर ट्रैक्टर मार्च निकाला। हजारों की संख्या में ट्रैक्टर लेकर किसान सड़कों पर उतरे और सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अपने हक के लिए किसान 2024 तक सड़कों पर आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। किसान संगठनों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने का ऐलान किया है, जिसकी रिहर्सत के तहत आज ये रैली निकाली गई थी। देखिए, किसानों के ट्रैक्टर मार्च की 10 खास तस्वीरें।
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हजारों की संख्या में सड़क पर उतरे ट्रैक्टर
कृषि कानूनों पर सरकार के साथ 7 दौर की बातचीत विफल होने के बीच किसान संगठनों ने आज दिल्ली की सीमाओं पर ट्रैक्टर मार्च निकाला। इस दौरान हजारों की संख्या में ट्रैक्टरों के साथ किसान सड़कों पर उतरे।

26 जनवरी को निकलेगा ट्रैक्टर मार्च
किसान संगठन पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वो 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे, जिसे लेकर आज किसानों ने रिहर्सल की। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा को लेकर पुख्त बंदोबस्त किए थे।

पुलिस ने किए सुरक्षा के इंतजाम
किसानों के ट्रैक्टर मार्च के दौरान पुलिस ने किसी भी अनहोनी की घटना से बचने के लिए वीडियोग्राफी की। हालांकि किसानों का ट्रैक्टर मार्च पूरी तरह शांति पूर्ण रहा। किसान संगठनों की मांग है कि सरकार कृषि कानूनों को वापस ले।

'जरूरत पड़ी तो 2024 तक जारी रहेगा आंदोलन'
ट्रैक्टर मार्च के दौरान भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक सरकार हमारी बात सुनकर कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, हम भी घर वापस नहीं जाएंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो 2024 तक ये आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार के साथ हो चुकी है 7 दौर की बातचीत
किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच दिल्ली के सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर सहित हरियाणा के रेवासा में ट्रैक्टर मार्च निकाला। सरकार और किसानों के बीच अभी तक 7 दौर की बातचीत हो चुकी है।

'अभी तो सिर्फ रिहर्सल, 26 जनवरी को...'
ट्रैक्टर मार्च के दौरान किसान संगठनों ने कहा कि अभी तो ये केवल एक रिहर्सल है, लेकिन 26 जनवरी को हम कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक विशाल ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।

रैली में शामिल हुए 3500 ट्रैक्टर
वहीं, भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहण) के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्रहण ने कहा कि आज करीब साढ़े तीन हजार ट्रैक्टरों के साथ किसानों ने मार्च निकाला है। जोगिंदर सिंह उग्रहण पंजाब में सबसे बड़ा किसान संगठन चलाते हैं।

8 जनवरी को आठवें दौर की बातचीत
किसानों और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार यानी 8 जनवरी को आठवें दौर की बातचीत होगी। इससे पहले सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में 7वें दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन सरकार और किसानों के बीच सहमति नहीं बनी।

'कॉरपोरेट सेक्टर के लिए कानून लाई है सरकार'
कृषि कानूनों को लेकर किसान सगंठनों का कहना है कि सरकार कॉरपोरेट जगत को फायदा पहुंचाने के लिए ये कानून लेकर आई है। किसान संगठन लगातार इस बात पर अड़े हुए हैं कि सरकार सबसे पहले इन कानूनों को वापस ले और उसके बाद किसानों से सलाह मशविरा कर कानूनों में संशोधन करे।

'किसानों का भड़का रहा है विपक्ष'
वहीं, केंद्र सरकार लगातार इस बात को कह रही है कि तीनों कृषि कानून किसानों की आय बढ़ाने और उनके हित के लिए लाए गए हैं। सरकार का कहना है कि कांग्रेस सहित विपक्ष के नेता अपने फायदे के लिए किसानों को भड़का रहे हैं।












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