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Farmers protest: जीप चलाकर पटियाला से सिंघु बॉर्डर पहुंचीं 62 साल की मनजीत कौर, दिलजीत दोसांझ, तापसी हुए फैन

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Farmers protest Update: केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर बीते 27 दिन से किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसान आंदोलन से लगातार ऐसी कुछ बातें सामने आ रही हैं, जो ना सिर्फ आम लोगों को बल्कि फिल्मी सितारों को भी प्रभावित कर रही हैं। किसान आंदोलन में शामिल होने आई मंजीत कौर इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। 62 साल की मंजीत कौर किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए खुद जीप चलाकर पटियाला से सिंघु बॉर्डर पहुंची हैं। उनकी जीप लेकर आते हुए जो तस्वीर सामने आई है उस पर एक्टर सिंगर दिलजीत दोसांझ और बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू का भी रिएक्शन आया है।

    Farmers Protest: जीप चलाकर सिंघु बॉर्डर पहुंचीं Manjeet Kaur, Taapsee Pannu हुई fan |वनइंडिया हिंदी
    दिलजीत, तापसी पन्नू ने ट्विटर पर किया शेयर

    दिलजीत, तापसी पन्नू ने ट्विटर पर किया शेयर

    किसान एकता मोर्चा ने मंजीत कौर के फोटो को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, मंजीत कौर पंजाब के पटियाला से खुद गाड़ी चलाकर आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए अपनी किसान साथियों के साथ सिंघु बॉर्डर पहुंची हैं। इस फोटो को शेयर करते हुए दिलजीत दोसांझ ने लिखा, 'बाबा करु कृपा'.. वहीं तापसी पन्नू ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा है, 'चक दे फट्टे...' कई और लोगों ने भी इस तस्वीर को शेयर किया है और मंजीत कौर की हिम्मत की दाद दी है।

    कई कलाकार कर रहे हैं किसान आंदोलन का समर्थन

    कई कलाकार कर रहे हैं किसान आंदोलन का समर्थन

    पंजाब के ज्यादातर फिल्म एक्टर, गायक और खेल की दुनिया से जुड़े सेलेब्रिटी पूरी मजबूती से किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। दिलजीत दोसांझ किसानों के बीच भी जा चुके हैं और अपना समर्थन दे चुके हैं। दिलजीत दोसांझ बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना पर भी उनकी महिला किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर भड़क गए थे। वहीं बॉलीवुड से भी स्वरा भास्कर और तापसी पन्नू लगातार किसानों के हक में बोल रही हैं।

    क्या हैं किसानों की मांग, जिसको लेकर है आंदोलन

    क्या हैं किसानों की मांग, जिसको लेकर है आंदोलन

    बता दें कि केंद्र सरकार तीन नए कृषि कानून लेकर आई है, जिनमें सरकारी मंडियों के बाहर खरीद, अनुबंध खेती को मंजूरी देने और कई अनाजों और दालों की भंडार सीमा खत्म करने समेत कई प्रावधान किए गए हैं। इसको लेकर किसान जून के महीने, जब सरकार अध्यादेश लाई थी, तभी से आंदोलनरत हैं। किसान लगातार इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। किसानों को कहना है कि ये कानून मंडी सिस्टम और पूरी खेती को प्राइवेट हथों में सौंप देंगे, जिससे किसान को भारी नुकसान उठाना होगा।

    नए कानूनों के खिलाफ ये आंदोलन जून से नवंबर तक मुख्य रूप से हरियाणा और पंजाब में हो रहा था। सरकार की ओर से प्रदर्शन पर ध्यान ना देने पर 26 नवंबर को किसानों ने दिल्ली की और कूच करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद बीते 28 दिन से किसान दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाले सिंधु बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। दिल्ली में किसानों के आने के बाद सरकार और किसान नेताओं के बीच कई दफा बातचीत हो चुकी है। हालांकि अभी तक कोई नतीजा निकलता बातचीत से नहीं निकला है।

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    English summary
    Farmers protest news manjeet kaur drove jeep from patiala to singhu border DILJIT DOSANJH appreciate
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