किसानों के नाम पर राजनीतिक दांव-पेच बंद हो, भारतीय किसान संघ ने क्यों किया किसान आंदोलन का विरोध
Kisan Andolan latest news: भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने कहा है कि वह किसानों के दिल्ली चलो आंदोलन का समर्थन नहीं करता, क्योंकि यह राजनीति से प्रेरित है और इसमें किसानों का हित नहीं है।
बुधवार को बीकेएस महासचिव मोहिनी मोहन मिश्रा ने कहा कि किसानों को उनके उत्पादों का लागत आधारित लाभकारी मूल्य मिलने चाहिए, लेकिन किसानों के नाम पर चुनावों को देखते हुए 'राजनीतिक पैंतरेबाजी' बंद होनी चाहिए।

राजनीतिक इरादों की वजह से अराजक होता है माहौल-भारतीय किसान संघ
भारतीय किसान संघ आरएसएस से जुड़ा संगठन है। मिश्रा ने कहा है कि जब चुनावों के समय 'राजनीतिक इरादों' से किसानों के नाम पर आंदोलन शुरू किया जाता है तो इसके बाद हिंसा, अराजक माहौल पैदा होता है और राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान होता है।
'ऐसे आंदोलनों से किसानों के लिए नकारात्मक भावनाएं पैदा होती हैं'
उनके मुताबिक इस तरह के आंदोलनों से किसानों के लिए नकारात्मक भावनाएं पैदा होती हैं और जो किसान अपनी बेहतरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
'भारतीय किसान संघ हिंसक प्रदर्शन का समर्थन नहीं करता'
बीकेएस महासचिव ने कहा है, 'यही वजह है कि भारतीय किसान संघ हिंसक प्रदर्शन का समर्थन नहीं करता। हम आग्रह करते हैं, जो अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करना चाहते हैं वे करते रहें, लेकिन समाज में किसानों के लिए उन्हें नकारात्मक भावनाएं नहीं पैदा करनी चाहिए।'
किसानों को उनके उत्पादों का लागत आधारित लाभकारी मूल्य मिले- बीकेएस
मिश्रा के मुताबिक बीकेएस किसानों को उनके उत्पादों का लागत आधारित लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा है और जब सरकार के साथ बातचीत का कोई समाधान नहीं निकलता तो आंदोलन आयोजित करता है।
किसान सम्मान निधि बढ़ाने की भी मांग
उन्होंने कहा, 'हम किसानों के लिए लागत आधारित लाभकारी कीमतों की मांग करते हैं, जो कि किसानों का अधिकार है और एग्रीकल्चर इनपुट पर जीएसटी की समाप्ति चाहते हैं। किसान सम्मान निधि बढ़ना चाहिए, जीएम-सीड को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।'
'राजनीतिक इरादों से किसानों के इस्तेमाल पर दुख'
मिश्रा करना है कि तब दुख होता है कि 'कुछ लोग राजनीतिक इरादों से' अपने 'राजनीतिक हितों' को साधने के लिए किसानों का इस्तेमाल करते हैं।
'राजनीतिक आंदोलन से किसानों को होता है नुकसान'
उन्होंने मध्य प्रदेश के मंदसौर में 2017 में किसानों के आंदोलन और तीन कृषि कानून के खिलाफ 2020-21 में दिल्ली में चले आंदोलन का हवाला देते हुए कहा, 'भारतीय किसान संघ का मानना है कि जब किसानों के नाम पर कोई राजनीतिक आंदोलन चलाया जाता है, तो नुकसान आखिरकार सिर्फ किसानों का ही होता है।'
किसानों के नाम पर राजनीतिक दांव-पेच बंद हो-बीकेएस
वे बोले कि 'इसलिए भारतीय किसान संघ आग्रह करता है कि किसानों के नाम पर राजनीतिक और चुनावी दांव-पेच बंद होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि किसानों के हित में उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न संगठन लगातार संघर्ष कर रहे हैं, 'चाहे सरकार किसी की भी हो, वे किसानों की समस्याओं का समाधान खोज रहे हैं।'
भारतीय किसान संघ के महासचिव के अनुसार 'आज बीज और बाजार किसानों की मुख्य समस्याएं हैं। चाहे बाजार के अंदर हो या बाहर, बीज और बाजार में किसानों का शोषण बंद होना चाहिए।' (इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications