Farmer Protest: कहीं 'हीरो' तो कहीं '56 इंच का सीना', गाजीपुर बॉर्डर पर लगे पोस्टरों में इस तरह छाए टिकैत
नई दिल्ली। नए कृषि बिल को लेकर किसानों का प्रदर्शन लगातारी जारी है। 70 दिनों से ज्यादा का समय गुजर चुका है लेकिन किसान अभी भी दिल्ली की सीमाओं पर जमे हुए हैं। उनका कहना है कि जबतक बिल वापस नहीं लिए जाते वो आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। हालांकि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान जो हिंसा हुई उससे प्रदर्शन कमजोर जरूर हुआ लेकिन तुरंत बाद किसान नेता राकेश टिकैत की आंखों से निकले आंसू ने पूरे आंदोलन का रुख मोड़ दिया।
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टिकैत के आसूंओं ने सिर्फ आंदोलन को नहीं बदला बल्कि आंदोलन में लगे पोस्टरों की सूरत भी बदल डाली। बैनर हो या पोस्टर या फिर 4 लोगों का जमवाड़ा, हर जगह सिर्फ टिकैत की चर्चा हो रही है। समर्थक अब उन्हें हीरो कह रहे हैं। आप अगर गाजीपुर बॉर्डर की तरफ जाएं तो आप समझ जाएंगे कि राकेश टिकैत का कद अब कितना बड़ा हो चुका है। उनके पोस्टर और कटआउट्स ये बताने के लिए काफी हैं कि आंदोलन का एक मात्र चेहरा टिकैत ही हैं।
गाजीपुर बॉर्डर के आसपास लगे पोस्टरों में कहीं उनके 56 इंच के सीने की चर्चा हो रही है तो कोई अपना सीना फाड़कर उसके अंदर से राकेश टिकैत की तस्वीर दिखाने में लगा हुआ है। कुछ पोस्टर्स तो ऐसे हैं जिनमें साफ-साफ लिखा हुआ है कि अगद टिकैत को गिरफ्तारी देनी पड़ी तो लोगअपनी जान दे देंगे। एक बैनर तो ऐसा है जिसमें लिखा हुआ है कि टिकैत की तरफ आने वाली जीप के नीचे पहला सिर मेरा होगा।
6 फरवरी को नहीं होगा चक्का जाम
किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने ऐलान किया है कि 6 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर में चक्का जाम नहीं किया जाएगा। टिकैत के मुताबिक जब किसानों को दिल्ली में प्रवेश ही नहीं करना है तो ऐसे में चक्का जाम करने का सवाल ही नहीं उठता है।












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