Farmer Protest: राकेश टिकैत की रूल बुक, मिलने से पहले ठीक से पढ़ लें नेता, नहीं तो...
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर बीते दो महीने से ज्यादा समय से दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डरों पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। उनकी सीधी मांग है कि बिल वापस ली जाए। इस बीच किसानों के नेता राकेश टिकैत ने नरेंद्र मोदी सरकार को बड़ी चेतावनी दे डाली है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता टिकैत ने कहा है कि जब तक सरकार बात नहीं करेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके अलावा विपक्ष के नेताओं को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं।
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राकेश टिकैत ने साफ तौर कह दिया है कि प्रदशर्न स्थल पर आने वाले राजनेता केवल "प्रदर्शनकारियों के साथ बैठ सकते हैं ना कि वोट तलाशने की कोशिश करें। आज शाम बैठक के बारे में पूछे जाने पर बीकेयू नेता और भारतीय किसान यूनियन (दकौंडा) के प्रतिनिधि बूटा सिंह बुर्जगिल ने संवाददाताओं से कहा, "यदि राजनेता मंच से संबोधित करते हैं, तो यह हमारे आदेशों का उल्लंघन है। राजनेता आकर सिर्फ प्रदर्शनकारियों के साथ बैठ सकते हैं।
वहीं राकेश टिकैत ने आंदोलन को लेकर राजनीति कर रहे विपक्षी दलों को भी कड़ा संदेश दे दिया है। उन्होंने विपक्ष को उनके मंच से राजनीति नहीं करने की सलाह दी है। टिकैत ने कहा, विपक्ष यहां पर वोट तलाशने नहीं आए। विपक्ष यहां हमदर्दी के लिए आता है। हम कोई चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
नरेश टिकैत ने कही ये बात
नरेश टिकैत ने कहा है कि प्रदर्शन कर रहे किसान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमा का सम्मान करेंगे, लेकिन वे अपने आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। आपको बता दें कि नरेश टिकैत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कि सरकार से किसानों की बातचीत में महज ''एक फोन कॉल की दूरी'' है। यह बात प्रधानमंत्री ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक के दौरान कही थी। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को हुई हिंसा षड्यंत्र का परिणाम थी, इसकी समग्र जांच होनी चाहिए। हम किसी को तिरंगे का अपमान नहीं करने देंगे, इसे हमेशा ऊंचा रखेंगे। टिकैत ने कहा कि सरकार को ''हमारे लोगों को रिहा करना चाहिए और वार्ता के अनुकूल माहौल तैयार करना चाहिए।''












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