Farmers Protest: 'आंदोलन को लेकर किए गए तीन फैसले', किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बताई नई रणनीति
Farmers Protest: केंद्र सरकार के खिलाफ 13 फरवरी को शुरू हुआ पंजाब के किसानों का 'दिल्ली चलो' मार्च को गुरुवार को तीसरा दिन है। ऐसे में पंजाब के 7 जगहों पर जहां किसान संगठनों ने रेलवे ट्रैक जाम किया। वहीं अब किसानों आंदोलन को लेकर नई रणनीति बनाई है।
दरअसल, हरियाणा-पंजाब की शंभू बॉर्डर पर किसान और पुलिस के सामने टकराव जारी है। किसानों की दिल्ली कूच की हर कोशिश नाकाम नजर आ रही है। पुलिस भारी संख्या में मौजूद किसानों को वापस खदेड़ रही है।

इस बीच किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों की मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव के लिए नई रणनीति का ऐलान कर दिया है।
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किसानों के प्रदर्शन पर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा, "आज तीन फैसले लिए गए, पहला ये कि हम कल (16 फरवरी) 3 घंटे के लिए हरियाणा को टोल फ्री रखेंगे, दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक। परसों (17 फरवरी) हर तहसील में दोपहर 12 बजे से ट्रैक्टर परेड होगी। इसके अगले दिन 18 फरवरी को सभी किसान और मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक होगी। उसी बैठक में आगे के फैसले लिए जाएंगे"
16 फरवरी को भारत बंद का ऐलान
वहीं किसानों ने कल (16 फरवरी) भारत बंद का ऐलान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा SKM ने अन्य संगठनों के साथ मिलकर 16 फरवरी को ग्रामीण भारत बंद बुलाया है।
इधर, जीटी करनाल रोड पर लंबा जाम देखा गया है। किसान आंदोलन के तीसरा दिन दिल्ली के तमाम रास्तों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। जीटी करनाल रोड पर लंबा जाम लगा है।
किसान मार्च पर हरियाणा सीएम का बयान
चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, "उनकी हरियाणा से कोई मांग नहीं है केंद्र से मांग है। दिल्ली जाना हर एक का लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन उसका मोटिव ध्यान करना होता है। इस विषय का अनुभव हम देख चुके हैं। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। वे ट्रेन, बसें, या अपने वाहन में जाएं। ट्रैक्टर परिवहन का साधन नहीं है। चर्चा लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए ताकि किसी समाधान तक पहुंचा जा सके।"












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