Palghar Mob Lynching: भड़के फरहान अख्तर ने कहा- उपद्रवी भीड़ की समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए
मुंबई। पालघर में हुई मॉब लिंचिंग की घटना के बाद लोगों के अंदर जबरदस्त गुस्सा है, सोशल मीडिया पर लोग इस दर्दनाक और शर्मनाक घटना की निंदा कर रहे हैं तो वहीं बॉलीवुड एक्टर-डायरेक्टर फरहान अख्तर ने अपने ट्विटर हैंडल पर पालघर में चोरी के शक में मारे गए 3 लोगों के मामले में अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

'उपद्रवी भीड़ की समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए '
फरहान ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट लिखते हुए कहा कि मैं इस हिंसा की कड़ी निंदा करता हूं जिसने पालघर में 3 लोगों की जान ले ली। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इऩ उपद्रवी भीड़ की समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए,और मुझे आशा है कि हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया है और न्याय भी जल्द से जल्द दिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ट्वीट
फरहान अख्तर की ये प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है। यूजर्स उनके इस ट्वीट पर काफी कमेंट्स भी कर रहे हैं। आपको बता दें कि महाराष्ट्र के पालघर जिले में चोर होने के शक में गुरुवार रात तीन लोगों की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या कर देने के मामले में राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को यह जानकारी दी। देशमुख ने इस इस घटना को कोई सांप्रदायिक रंग नहीं देने की भी चेतावनी दी है क्योंकि तीन मृतकों में दो लोग साधु बताये जा रहे हैं।
Recommended Video

101 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया गया
अनिल देशमुख ने ने ट्वीट किया, सूरत जा रहे तीन लोगों की पालघर में हुई हत्या में संलिप्त 101 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। हत्या के मामले में मैंने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है। देशमुख ने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों पर करीबी नजर रख रही है, जो इस घटना के जरिए समाज में वैमनस्य पैदा करना चाहते हैं। देशमुख ने कहा, पालघर की घटना में जो लोग मारे गए और जिन्होंने हमला किया, वह अलग-अलग धर्मों के नहीं थे।
कपिल मिश्रा ने वीडियो शेयर किया
इस मामले पर बीजेपी नेताओं सहित सोशल मीडिया यूजर्स ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र पुलिस पर निशाना साधा है। कपिल मिश्रा ने वीडियो शेयर किया है जिसमें देखा जा सकता है कि 20 से 25 लोगों की भीड़ साधुओं पर डंडे से वार कर रही है। इस दौरान एक पुलिस वाला भी दिखाई देता है जिसके पीछे छिपकर साधु अपनी जान बचाने की कोशिश करते हैं लेकिन वह पुलिसकर्मी उनकी मदद नहीं करता और तमाशा देखता रहता है।
क्या है मामला
दरअसल महाराष्ट्र के पालघर में गुरुवार को ग्रामीणों ने तीन लोगों को चोर समझकर पीट-पीटकर मार डाला था। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय सुशीलगिरी महाराज, 70 वर्षीय चिकणे महाराज कल्पवृक्षगिरी और 30 वर्षीय निलेश तेलगड़े के रूप में हुई है, निलेश साधुओं का ड्राइवर था। ये तीनों लोग मुंबई से सूरत किसी की अंत्येष्टि में शामिल होने जा रहे थे। पालघर जिले के एक गांव में 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ इन पर टूट पड़ी। ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी पर भी हमला किया था, बताया गया है कि इस पूरे इलाके में कुछ दिनों से बच्चा चोर गिरोह की अफवाह फैली हुई थी। बस लोगों ने इन्हें इसी गिरोह से संबंधित समझा और बिना सोचे समझे हमला करना शुरु कर दिया और तीनों को पीट-पीटकर मार डाला।












Click it and Unblock the Notifications