Exclusive: गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा के चाचा ने कहा,खुद जाऊंगा उसे एयरपोर्ट लेने,परिवार के लिए गौरव का पल
Exclusive: गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा के चाचा ने कहा,परिवार के लिए गौरव का पल
नई दिल्ली। देश के गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने टोक्यों ओलंपिक 2020 में गोल्ड मेडल दिलाकर देश के स्वर्णिम इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा लिया। नीरज चोपड़ा ने अपने पहले ही ओलंपिक में गोल्ड मेडल अपने नाम कर देश और अपने परिवार का नाम रौशन किया। उन्होंने टॉक्यों ओलंपिक में सोना जीतकर देश के लिए गोल्ड मेडल का सुखा खत्म कर दिया। नीरज ने जेवलिन थ्रो के फाइनल मुकाबले में 87.58 मीटर भाला फेंककर गोल्ड भारत के नाम कर दिया।

1 साल से फोन था बंद
नीरज की जीत से उनका पूरा परिवार बेहद खुश है। परिवार को बधाईयां देने वालों का तांता लगा है। नीरज चोपड़ा के चाचा सुरेंद्र चोपड़ा ने वनइंडिया के साथ खास बातचीत की और बताया कि कैसे परिवार ने गोल्डन ब्वॉय नीरज के स्वागत की तैयारियां की जा रही है। सोमवार देर रात नीरज समेत भारतीय दल इंडिया गांधी अंरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि वो खुद नीरज को रिसीव करने दिल्ली एयरपोर्ट जाएंगे। बेटे समान नीरज को गले लगाने के लिए वो बेहद बेकरार है। उन्होंने कहा कि नीरज से गोल्ड मेडल के लिए कड़ी मेहनत और संघर्ष किया है। उसने अपने और अपनी प्रैक्टिस के बीच कभी किसी को नहीं आने दिया। खेल से उसका ध्यान न भटके इसलिए उसने पिछले 1 साल से अपना फोन तक बंद कर रखा है। उन्होंने कहा कि हम भी उसके मैनेजर की जरिए ही उससे बात करते थे। नीरज सिर्फ अपनी मां से फोन कर उनका हाल-चाल जानने के लिए फोन करता था। जब भी उसे परिवार से बात करनी होती थी वो खुद वीडियो कॉल करके सबसे बात करता था। आज उसकी तपस्या रंग लाई है। नीरज ने न केवल घर-परिवार और गांव का नाम रौशन कर दिया बल्कि देशवासियों को गर्व से भर दिया है।
हमसे बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उसके स्वागत के लिए गांव और परिवार से ढे़र सारी तैयारियां है। ढ़ोल और नगाड़ों से उसका स्वागत किया जाएगा। घर-आंगन को फूलों से सजाया गया। गांव में नीरज के बड़े-बड़े पोस्टर-बैनर लगाए गए हैं। गांव और परिवार के लोग दिल खोलकर उसका स्वागत करने के लिए बेकरार है। नीरज के चाचा ने कहा कि खंडरा गांव के लोग अपने लाल के लिए स्वागत के लिए नजरें बिछाए हुए हैं। नीरज चोपड़ा का परिवार संयुक्त रूप से एक ही छत के नीचे रहता है। माता-पिता के अलावा तीन चाचा का परिवार एक साथ मिल जुल कर रहता है। नीरज हमेशा से चाचा भीम चोपड़ा के लाडले हैं। चाचा ने हमेशा उनका सपोर्ट किया और जेलविन थ्रो खेल के लिए प्रेरित किया। परिवार के सभी भाई-बहनों में नीरज सबसे बड़े हैं, इसलिए वो परिवार के चेहेते हैं।
कौन हैं नीरज चोपड़ा
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हरियाणा के पानीपत जिले के खांद्रा गांव के रहने वाले नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हुआ। उनके पिता सुरेश चोपड़ा एक किसान है। मां सरोज हाउसवाइफ है। नीरज का परिवार ज्वाइंट फैमिली है, जिसमें 10 भाई-बहन के साथ 19 लोग एक छत के नीचे रहते हैं। नीरज की पढ़ाई चंडीगढ़ से हुई हैं। 2016 में उन्हें नायब सूबेदार के पद के साथ भारतीय सेना में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी नियुक्त किया गया। नीरज के चाचा ने उनकी ट्रेनिंग में काफी मदद की। आपको बता दें कि नीरज चोपड़ा ओलंपिक के व्यक्तिगत स्पर्धा में देश के लिए गोल्ड जीतने वाले दूसरे खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले साल 2008 में अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक में 10 मीटर राइफल शूटिंग में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था।












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