चीन ने भी दिया पाकिस्तान को बड़ा झटका, भारत की कार्रवाई पर साधी चुप्पी
नई दिल्ली। भारत द्वारा बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान एकदम अकेला पड़ गया है। उसका सबसे बड़ा सहयोगी देश चीन ने भी भारत की इस कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान के पक्ष में कोई बयान जारी नहीं किया है। अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा, यह बिल्कुल साफ है कि चीन समेत किसी भी देश ने भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के पक्ष में नहीं बोला है। उन्होंने कहा कि यह इस बात का सबूत है कि आतंकियों की सुरक्षित पनाहगारों पर दुनिया का सब्र अब टूट चुका है।

बता दें कि, भारत ने मंगलवार तड़के नियंत्रण रेखा (एलओसी) से करीब 80 किलोमीटर दूर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को बम से उड़ा दिया। इस हमले में जैश के कई वरिष्ठ कमांडरों की मारे जाने की खबर है। हक्कानी ने कहा,यहां तक कि पाकिस्तान को उसकी सीमा के भीतर कार्रवाई पर भारत के विरोध में समर्थन देने के बजाए चीन ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान में अति राष्ट्रवाद की भावनाएं भले ही इस बात को स्वीकार करने को तैयार नहीं हो लेकिन दुनिया का सब्र आतंकियों के पनाहगारों पर टूट रहा है और यह पाकिस्तान के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। हक्कानी शक्तिशाली पाकिस्तान सेना के साथ रहे हैं। उन्हें पाकिस्तान में कट्टरपंथी समूहों से अक्सर धमकियां मिलती रहती हैं। एक अन्य पाकिस्तानी स्कॉलर मोईद यूसुफ ने कहा कि, वैश्विक राय पाकिस्तान के साथ नहीं थी।
वहीं भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, मैं कहना चाहूंगा कि दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान दोनों ही महत्वपूर्ण देश हैं, भारत-पाकिस्तान के बीच मजबूत रिश्ते और सहयोग से दोनों देशों के हित पूरे होंगे और दक्षिण एशिया में भी शांति और स्थिरता बनी रहेगी। हम उम्मीद करते हैं कि भारत-पाकिस्तान दोनों संयम बरतेंगे और अपने रिश्ते सुधारने के लिए ज्यादा प्रयास करेंगे।












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