कब खत्म होगी कोरोना की ये लहर? दिग्गज वैज्ञानिक भ्रमर मुखर्जी ने दी राहत की 4 खबरें
महामारी वैज्ञानिक प्रोफेसर भ्रमर मुखर्जी ने बताया है कि भारत में कोरोना के मामलों की संख्या कम होनी कब से शुरू होगी।
नई दिल्ली, 13 जनवरी: कोरोना वायरस का प्रकोप भारत में तेजी से फैल रहा है और गुरुवार को देश में संक्रमण के 2,47,417 नए मामले रिकॉर्ड किए गए। मेडिकल एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले दिनों में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या और बढ़ेगी, इसलिए लोगों को बहुत ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है। इस बीच मिशिगन यूनिवर्सिटी में डेटा एक्सपर्ट और महामारी वैज्ञानिक प्रोफेसर भ्रमर मुखर्जी ने बताया है कि भारत में कोरोना वायरस के मामलों का पीक कब आएगा और दैनिक मरीजों की संख्या कम होनी कब से शुरू होगी। कोरोना के संकट के बीच प्रोफेसर भ्रमर मुखर्जी ने राहत भरी चार खबरें दी हैं।

1:- 'जनवरी के आखिर तक आ जाएगा कोरोना का पीक'
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, प्रोफेसर भ्रमर मुखर्जी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया, 'भारत में दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं और ये राज्य अब पीक की तरफ हैं। अगले 7 से 10 दिनों के भीतर ही इन राज्यों में कोरोना वायरस के मामलों में कमी दिखने लगेगी। दिल्ली में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट कम हो रहा है। मुझे उम्मीद है कि दिल्ली के अलावा देश के कुछ और राज्य भी अगले एक हफ्ते के दौरान अपने पीक पर पहुंच जाएंगे। वहीं, भारत में कोरोना वायरस का पीक जनवरी के आखिर तक आ जाएगा।'

2:- 'लंबे समय तक नहीं टिक सकता ओमिक्रॉन'
प्रोफेसर भ्रमर मुखर्जी ने आगे बताया, 'आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि कोरोना वायरस का ये वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' काफी तेजी से अपने पीक पर जाता है और उतनी ही तेजी से नीचे गिरता है। ओमिक्रॉन के संक्रमण फैलने की रफ्तार का आंकलन करें तो यह भारत की आबादी के बीच जंगल की आग की तरह बढ़ रहा है। इसका सीधा मतलब है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट बहुत ज्यादा लंबे समय तक नहीं टिक सकता। लेकिन, इसके बावजूद मैं इस बात पर सहमत हूं कि हमें वास्तव में अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने की दर पर ध्यान देने की बहुत जरूरत है।'

3:- 'फरवरी तक खत्म हो जाएगी ये लहर'
कोरोना के मामले कब से घटने शुरू होंगे, इस सवाल का जवाब देते हुए प्रोफेसर भ्रमर मुखर्जी ने बताया, 'मुझे विश्वास है कि फरवरी तक भारत में कोरोना वायरस की ये लहर खत्म हो जाएगी। हालांकि कोरोना को लेकर सभी मॉडल धारणाओं और लोगों के व्यवहार पर निर्भर करते हैं। हम नहीं जानते कि गंगासागर मेले जैसे आयोजनों का क्या परिणाम निकलेगा। फिर भी, आंकड़े इस बात के संकेत देते हैं कि भारत में कोरोना वायरस की लहर जनवरी के आखिर तक अपने पीक पर होगी और फरवरी तक ये लहर खत्म हो जाएगी।'

4:- 'काफी हद तक बदल गई है भारत की इम्युनिटी दीवार'
प्रोफेसर भ्रमर मुखर्जी ने आगे कहा, 'कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण एक अहम हथियार है और इसीलिए हम देख रहे हैं कि लोग संक्रमित तो हो रहे हैं, लेकिन शुक्र है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बहुत कम है। देश के मौजूदा हालात को देखें तो ये कोरोना वायरस की दूसरी लहर से बहुत ज्यादा अलग हैं। इसकी वजह यही है कि कोरोना के संक्रमण प्लस वैक्सीनेशन से बनी भारत की 'इम्युनिटी दीवार' काफी हद तक बदल गई है। अगर आप दूसरे देशों के आंकड़े देखें, तो पाएंगे कि ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती होने वाले ऐसे मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली थी।'
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