Byju की बड़ी मुश्किलें, ED ने भेजा 9 हजार करोड़ का नोटिस, जानें पूरा मामला
Byju Foreign Funding: ऐड टेक सेक्टर (EdTech) में कम समय में तेजी से तरक्की करते हुए अपनी छाप जमाने वाली बायजू (Byju) मुसीबत से घिरी हुई है। पहले उसके स्टूडेंट्स ने साथ छोड़ा फिर डायरेक्टर बोर्ड ने इस्तीफा दिया। इसके बाद आयकर विभाग, ईडी के घेरे में कंपनी जांच के घेरे में हैं। ऐसे में आर्थिक संकट में फंसी बायजू पर FEMA की नई मुसीबत आ गई है।
कंपनी अब विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम यानी फेमा (FEMA) नियमों में घिर गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में बायजू द्वारा करीब 9,000 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का पता चला है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एडटेक प्रमुख बायजू को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर विदेशी फंडिंग कानूनों का उल्लंघन करने के लिए 9,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा गया है। हालांकि, कंपनी ने अधिकारियों से ऐसे किसी भी नोटिस से इनकार किया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का कहना है कि फेमा, 1999 के तहत 9362.35 करोड़ रुपये की राशि के उल्लंघन के लिए थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड और बायजू रवींद्रन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
ईडी के सूत्रों के अनुसार बायजू ने 2011 और 2023 के बीच लगभग 28,000 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त किया। सूत्रों ने कहा कि एडटेक प्रमुख ने विदेशी प्रत्यक्ष के नाम पर इसी अवधि विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के नाम पर विदेशी न्यायक्षेत्रों में लगभग 9,754 करोड़ रुपये भेजे गए।
एडटेक प्रमुख ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है कि उसे ऐसा कोई संचार नहीं मिला है। बयान में कहा गया है, "बायजूस स्पष्ट रूप से उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन करता है जो बायजूस पर फेमा के किसी भी उल्लंघन का संकेत देती हैं। कंपनी को अधिकारियों से ऐसा कोई संचार नहीं मिला है।"
इस साल की शुरुआत में ईडी ने विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने वाले कानूनों के संदिग्ध उल्लंघन को लेकर बेंगलुरु में बायजू के कार्यालय पर छापा मारा था।
आपको बता दें कि बायजू की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 2011 में इंजीनियरों और टीचर बायजू रवींद्रन और उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ ने की थी। शुरुआत में उन्होंने कॉम्पटेटिव एग्जाम के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम पेश किए।
हालांकि बाद में साल 2015 में कंपनी ने बायजूज़ लर्निंग ऐप लॉन्च किया, जो तेजी से उभरा। फिर दो साल बाद उन्होंने बच्चों के लिए एक मैथ ऐप लॉन्च किया। 2018 तक बायजू के 1.5 करोड़ से अधिक यूजर थे, क्योंकि कंपनी छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों घरों तक पहुंच गई थी। ऐप की लोकप्रियता को कोविड महामारी के दौरान बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला, जब स्कूल बंद हो गए और बच्चों को शिक्षा के डिजिटल मोड में ट्रांसफर करना पड़ा।












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