मनमाने ढंग से चंदा लेना राजनीतिक पार्टियों के लिए होगा मुश्किल, चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय से की ये सिफारिश
मनमाने ढंग से चंदा लेना अब राजनीतिक पार्टियों के लिए होगा मुश्किल, चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय से की ये सिफारिस
नई दिल्ली, 20 सितंबर: राजनीतिक पार्टियों के लिए अब मनमाने ढंग से चंदा लेना मुश्किल होने वाला है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को एक बार में मिलने वाले नकद चंदों की अधिकतम सीमा चंदे को 20,000 रुपये से घटाकर 2,000 रुपये करने की सिफारिश कानून मंत्रालय से की है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी), राजीव कुमार ने राजनीतिक दलों को नकद चंदे की सीमा तय करने के लिए कानून मंत्रालय को पत्र लिखा है।

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू को लिखे अपने पत्र में, सीईसी ने नकद दान को 20 प्रतिशत या 20 करोड़ रुपये जो भी कम हो, पर कैप करने का प्रस्ताव दिया है
यानी राजनीतिक पार्टियों को कुल मिलने वाले चंदों में नकद चंदे को 20 प्रतिशत या अधिकतम 20 करोड़ करने का प्रस्ताव भेजा गया है। चुनाव आयोग ने काले धन से चुनावी चंदे को साफ करने के लिए गुमनाम राजनीतिक चंदे को लेकर ये प्रस्ताव भेजा गया है।
सरकार के सूत्रों ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर जन प्रतिनिधित्व (आरपी) अधिनियम में कई संशोधनों की सिफारिश की है।
प्रस्ताव के अनुसार, राजनीतिक दलों को 2000 रुपये से कम की नकदी की रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में लागू नियमों के अनुसार, राजनीतिक दलों को 20,000 रुपये से अधिक के सभी दान का खुलासा अपनी योगदान रिपोर्ट के माध्यम से करना होता है, जो चुनाव आयोग को प्रस्तुत किया जाता है।
चुनाव आयोग ने यह कदम हाल ही में 284 डिफॉल्टर और गैर-अनुपालन पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को हटाने के बाद लिया है। 284 में से 253 से अधिक को निष्क्रिय घोषित किया गया है।












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