ED Action: हिमाचल और उत्तर प्रदेश में 'अवैध' खनन पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, दबोचे गए 2 माफिया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की नदियों से अवैध रेत और खनिज खनन से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी की। एजेंसी के बयान के अनुसार, गिआन चंद और संजय धीमान को सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार में लिया गया।
गिरफ्तारियां हिमाचल प्रदेश में हुईं, जहां यह मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में व्यास नदी और यमुना नदी में अनधिकृत खनन गतिविधियों से जुड़ा है। ईडी को गिआन चंद सहित कई खनन समूहों द्वारा व्यास नदी के तट पर अवैध कार्यों के बारे में शिकायतें और खुफिया जानकारी मिली थी। ये ऑपरेशन कथित तौर पर सैकड़ों करोड़ रुपये के अवैध धन का उत्पादन करते थे।

क्या है मामला?
यह मामला हिमाचल प्रदेश के ब्यास नदी और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की यमुना नदी में अवैध रेत और खनिज खनन से जुड़ा है। इन गतिविधियों में सरकारी जमीन पर अवैध खनन और खनिजों को पत्थर क्रशर तक पहुँचाने के लिए भारी मशीनरी (जेसीबी, टिप्पर, ट्रैक्टर) का इस्तेमाल शामिल है।
ईडी की जांच:
- ईडी ने हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में दर्ज पुलिस एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।
- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और ऊना जिलों में छह एफआईआर का विश्लेषण किया गया।
गिआन चंद का नेटवर्क:
- गिआन चंद और उनके सहयोगियों को ब्यास और यमुना नदी में अवैध खनन से जुड़े आपत्तिजनक सबूतों के साथ पकड़ा गया।
- अवैध धन का उपयोग अचल संपत्ति खरीदने और खनन उपकरण जैसे ट्रकों और जेसीबी खरीदने में किया गया।
सहारनपुर एफआईआर:
- उत्तर प्रदेश के बेहट पुलिस स्टेशन में 1 नवंबर को गिआन चंद के खिलाफ **खनिज विनियमन और विकास अधिनियम, 1957 के तहत शिकायत दर्ज की गई।
- यह शिकायत हिमाचल की शिकायतों से जोड़कर विस्तृत जांच के लिए ईडी को सौंपी गई।
ईडी की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
गिआन चंद और संजय धीमान:
- दोनों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया।
- ईडी ने उनके ठिकानों पर छापेमारी कर आपत्तिजनक दस्तावेज और सबूत बरामद किए।
मनी लॉन्ड्रिंग का दायरा:
- ईडी ने बताया कि इन अवैध खनन गतिविधियों से सैकड़ों करोड़ रुपये का काला धन उत्पन्न हुआ।
- यह पैसा जमीन, मशीनरी और अन्य संपत्तियों में निवेश किया गया।
क्या है CM सुखू का रूख?
भाजपा के पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री के करीबी लोग अब जेल में हैं। ईडी की जांच ने दोषियों को उजागर कर दिया है।"शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष है।












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