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Bihar News: आपदा से निपटने के लिए विभागों में समन्वय जरूरी: मुख्य सचिव

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और बिहार आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय भूकंप परिदृश्य ड्रिल में अंतर-एजेंसी सहयोग, अद्यतन संसाधन सूचियों और त्वरित प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल का प्रदर्शन किया गया। पटना में कई एजेंसियों और मॉक परिदृश्यों सहित इस अभ्यास में प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए तैयारी, स्पष्ट संचार और नागरिक जागरूकता पर जोर दिया गया।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), नई दिल्ली और आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय भूकंप परिदृश्य आधारित दो दिवसीय कार्यक्रम गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सरदार पटेल भवन स्थित आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम की समीक्षा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की और संबंधित अधिकारियों को प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Earthquake Drill in Bihar Shows Coordination

मुख्य सचिव ने कहा कि आपदा कभी भी आ सकती है, इसलिए सभी विभागों और एजेंसियों को पूर्व तैयारी के साथ आपसी तालमेल बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से इस प्रकार के अभ्यास आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि न केवल प्रशासन बल्कि आम नागरिक भी जागरूक और तैयार रहें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने संसाधनों की अद्यतन सूची संधारित करने, आपात संपर्क व्यवस्था मजबूत करने और चिकित्सा सुविधाओं व एंबुलेंस नेटवर्क को तत्पर रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में समय पर कार्रवाई के लिए सभी टीमों को अपनी जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन करना होगा।

बिहार राज्य आपदा प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत मिश्रा ने बताया कि पहले "भूकंप सप्ताह" मनाया जाता था, जिसे अब "भूकंप पखवाड़ा" के रूप में विस्तारित किया गया है, ताकि व्यापक जन-जागरूकता और तैयारी सुनिश्चित हो सके।

एनडीएमए के मेजर जनरल सुधीर बहल ने सशक्त और समन्वित कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग जरूरी है। उन्होंने एजेंसियों के बीच स्पष्ट और निर्बाध संचार को प्रभावी आपदा प्रबंधन की कुंजी बताया। रेडियो संचार को विश्वसनीय माध्यम बताते हुए उन्होंने संभावित भूकंपीय प्रभावों के पूर्व आकलन और तैयारी को अनिवार्य बताया। साथ ही पुलिस बल की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और त्वरित सूचना संप्रेषण की महत्ता रेखांकित की।

मॉक अभ्यास के दौरान पटना के विभिन्न स्थानों पर यथार्थपरक परिदृश्यों का अभ्यास किया गया। इसमें बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), भारत मौसम विज्ञान विभाग, सिविल डिफेंस, बिहार अग्निशमन सेवा तथा गृह, स्वास्थ्य, भवन निर्माण, ऊर्जा, परिवहन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण और जल संसाधन विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके अलावा सशस्त्र सीमा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और उत्तर प्रदेश एसडीआरएफ सहित अन्य एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के अंत में संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में और बेहतर समन्वय एवं तत्परता की अपेक्षा जताई।

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