Earthquake in Myanmar Update: आखिर क्यों आ रहे म्यांमार में बार-बार भूकंप के झटके? पढ़िए क्या है कारण..
Earthquake in Myanmar Update: बीते शुक्रवार,28 मार्च को आए विनाशकारी भूकंप के बाद से म्यांमार में भारी तबाही मची हुई है। रिक्टर स्केल 7.7 तीव्रता वाले इस आपदा के थाइलैंड के बैंकॉक से लेकर भारत और चीन के कई इलाकों में में महसूस किया गया।
म्यांमार भूकंप के लिहाज से सबसे अधिक सक्रिय क्षेत्रों में से एक है। ग्लोबल सीस्मिक रिस्क मैप पर ये देश रेड जोन में आता है।

आखिर क्यों म्यांमार में बार-बार भूकंप के झटके आते हैं? क्या है सागाइंग प्लेट जिससे इस देश को है खतरा? आइए विस्तार से जानते हैं....
Earthquake in Myanmar Update: आखिर म्यांमार में बार-बार क्यों आते हैं भूंकप
ये कोई पहली बार नहीं था जब विनाशकारी झटकों ने इस खूबसूरत देश को तबाह किया हो इससे पहले भी यहां कई बार शक्तिशाली भूकंप आ चुके हैं। म्यांमार भूकंप के लिहाज से काफी सेंसटिव एरिया है। यहां की जमीन की आंतरिक सतह पर मौजूद चट्टानों में एक बहुत बड़ी दरार (फॉल्ट) इसका मुख्य कारण है।
ये दरार भारतीय प्लेट और सुंडा प्लेट के बीच पड़ता है। ये दरार म्यांमार में उत्तर से दक्षिण तक 1200 किमी तक फैली जो इसके कई शहरों से गुजरती है। इसका सबसे ज्यादा भाग म्यांमार के सागाइंग शहर में पड़ता है। इसलिए इसका नाम सागाइंग फॉल्ट पड़ा। यही कारण है कि यहां भूकंप का खतरा सबसे अधिक है।
Earthquake in Myanmar Update: आतंरिक सतह पर खिसकाव
भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि निचले सतह पर सागाइंग प्लेट तेजी से खिसक रहा है जिससे यहां की उपरी सतह पर हल्की या तेज हलचल महसूस की जा रही है। आंतरिक सतह पर प्लेटों में होने वाले आपसी टकराव को 'स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट' कहते हैं। इस फॉल्ट की चट्टानें 1 साल लगभग 11 मिलीमीटर से 18 मिलीमीटर की रफ्तार से खिसक रही हैं और ये रफ्तार लगातार बढ़ते जा रहा है। हर साल 18 मिमी तक जमीन का खिसकना कोई सामान्य घटना नहीं है। भू विशेषज्ञों की मानें तो जिस हिसाब से जमीन के नीचे हलचल हो रही है ये एक बड़े खतरे का संकेत है जो शक्तिशाली भूकंप ला सकती है।
Earthquake in Myanmar Update: इससे पहले भी भूकंप ने मचाई थी तबाही
- सागाइंग फॉल्ट के कारण म्यांमार में भूकंप से भारी तबाही मच चुकी है।
- USGS की डेटा के अनुसार,
- साल 1900 से अब तक इस सेंसटिव क्षेत्र में 7 से अधिक तीव्रता के कम से कम छह भूकंप आ चुके हैं।
- जनवरी 1990 में आए भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 7 मापी गई थी।
- फरवरी 1912 में, आए 7.9 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी।
- 2016 में लगभग उसी क्षेत्र में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था।












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