Dussehra 2025: देश भर में धूमधाम से मना दशहरा, बारिश में कहीं गल कर ढह गया रावण, कहीं जल कर हुआ खत्म, Video
Ravan Dahan 2025: देश में हर साल की तरह इस वर्ष भी विजयादशमी (दशहरा) का पर्व धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है और लोग इसे पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ सेलिब्रेट करते हैं।
यूपी के वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट और फिरोजाबाद, अयोध्या जैसे शहरों में दशहरा कार्यक्रमों का खास महत्व है, जहां विशाल रामलीला और रावण दहन को देखने के लिए देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं।

वहीं देश के अन्य राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक में मैसूर दशहरा, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड में भी दशहरा और रावण दहन की धूम देखने को मिला।
वाराणसी में 40 फीट ऊँचे रावण का दहन
धर्म नगरी काशी (वाराणसी) में विजयदशमी का महापर्व पूरे उल्लास और भक्ति के साथ मनाया गया। शहर के प्रसिद्ध मलदहिया चौराहा पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में 40 फीट ऊँचे रावण के पुतले को अग्नि के हवाले कर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रवींद्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा,काशी उत्सवों की नगरी है, जहां हर पर्व एक महोत्सव बन जाता है। विजयदशमी केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है।
चित्रकूट में भी विजयदशमी का भव्य आयोजन किया गया। यहाँ 30 फीट ऊँचे रावण के पुतले का दहन किया गया, जिसमें प्रभु श्रीराम के प्रतीक पात्र ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। धुस मैदान में आयोजित इस आयोजन में हजारों की संख्या में लोग जुटे।
#WATCH | J&K: Vijayadashmi celebrated with great enthusiasm and fervour this evening at the Sports Stadium, Udhampur. Thousands of people participated in the celebrations where the effigies of Ravan, Kumbkarn and Meghnad were consigned to flames marking the victory of good over… pic.twitter.com/3Kki0AfeIM
— ANI (@ANI) October 2, 2025
जैसे ही रावण के पुतले में आग लगी, पूरा मैदान "जय श्रीराम" के नारों से गूंज उठा। आयोजकों और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हुए थे, ताकि कार्यक्रम बिना किसी परेशानी के संपन्न हो सके।
पटना में सबसे बड़े रावण का दहन
बिहार की राजधानी पटना में भी विजयदशमी की रौनक देखने को मिला। पटना के गांधी मैदान में सबसे बड़े रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण के पुतले का दहन हुआ। वहीं जम्मू कश्मीर के जम्मू में भी धू धू कर रावण जला।
दशहरे का संदेश
उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दशहरा उत्सव न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक संदेश भी देता है। रावण दहन यह स्मरण कराता है कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अच्छाई की जीत निश्चित है।
इस वर्ष भी वाराणसी, चित्रकूट, फिरोजाबाद और अन्य शहरों में दशहरा उत्सव ने दिखा दिया कि उत्तर प्रदेश में दशहरे का जश्न किसी महोत्सव से कम नहीं होता। विशाल रावण के पुतलों का दहन, रामलीला की रंगारंग प्रस्तुति और जनता का उत्साह इस त्योहार को और भी खास बनाते हैं।












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