सबसे आधुनिक लड़ाकू जेट विकसित करने के लिए DRDO ने 45 दिनों में खड़ी की 7 मंजिला इमारत
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (DRDO) ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 45 दिन के अंदर 7 मंजिला इमारत बनाकर खड़ी कर दी है।
बेंगलुरु, 17 मार्च। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (DRDO) ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 45 दिन के अंदर 7 मंजिला इमारत बनाकर खड़ी कर दी है। इस इमारत का इस्तेमाल पांचवीं पीढ़ी के आधुनिक मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) पर रिसर्च और उनके निर्माण के लिए किया जाएगा। गुरुवार को इस बिल्डिंग का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। बता दें भारत अपनी वायु शक्ति क्षमता को बढ़ाने के लिए पांचवीं पीढ़ी के मध्यम लड़ाकू जेट को विकसित करने के लिए महत्वाकांक्षी AMCA परियोजना पर काम कर रहा है।

1 फरवरी से शुरू हुआ था परियोजना पर काम
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) का यह भवन 1.3 वर्ग फुट के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे इन-हाउस तकनीक का उपयोग करके विकसित किया गया है। संगठन के एक अधिकारी ने बताया कि डीआरडीओ ने एडीई बेंगलुरु में उड़ान नियंत्रण प्रणाली के लिए एक बहुमंजिला बुनियादी ढांचे के निर्माण को रिकॉर्ड 45 दिनों में पारंपरिक, पूर्व-इंजीनियर और प्रीकास्ट पद्धति से युक्त हाइब्रिड तकनीक के साथ पूरा कर लिया है और इस परियोजना पर 15,000 करोड़ रुपए का खर्च आया है। परियोजना की आधारशिला 22 नवंबर, 2021 को रखी गई थी और वास्तविक निर्माण 1 फरवरी को शुरू हुआ था।
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IIT रुड़की, IIT मद्रास की ली गई मदद
परियोजना में शामिल एक अधिकारी ने कहा कि यह हाइब्रिड निर्माण तकनीक के साथ एक स्थायी सात मंजिला इमारत को पूरा करने का एक अनूठा रिकॉर्ड है, वह भी देश में पहली बार रेडी-टू-मूव कंडीशन में। हाइब्रिड निर्माण तकनीक में इमारत के खंबे और बीम स्टील की प्लेटों के साथ बनाए जाते हैं। यह इमारत आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इमारत में एयर कंडीशनिंग, इलेक्ट्रिकल और फायर कंट्रोल सिस्टम भी लगे हुए हैं। इमारत की डिजाइन को बनाने में आईआईटी मद्रास और आईआईटी रुड़की ने तकनीकी सहायता प्रदान की है।












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