कारगिल युद्ध के बाद और शक्तिशाली हुआ भारत
द्रास से ऋचा बाजपेई। द्रास, कारगिल जिले का वह हिस्सा जिसने शायद युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान और तबाही देखी थी। भारत को पता भी नहीं लगा था और पाकिस्तान देश के एक बड़े हिस्से पर काबिज होने की पूरी तैयारी कर चुका था। यह युद्ध हमारे लिए एक बड़ा सबक भी लेकर आया। हमने अपनी रक्षा तैयारियों पर जोर देना शुरू किया और सेना को मजबूत बनाने की कई कोशिशें भी कीं।
द्रास के बिग्रेड कमांडर ब्रिगेडियर जीपी सिंह की मानें तो देश पिछले 15 वर्षों में काफी शक्तिशाली हुआ है। आर्मी, एयरफोर्स और नेवी, सेना के यह तीनों ही अंग काफी मजबूत भी हुए हैं। उनका कहना है कि कारगिल जैसा वाकया अब दोहरा पाना काफी मुश्किल है।
कारगिल स्पेशल कवरेज
उन्होंने कारगिल बैटल स्कूल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह से यहां पर जवानों को ट्रेनिंग दी जाती है, उससे यह साफ जाहिर है कि अब भारत में ट्रेनिंग का स्तर भी बदल चुका है। हमारे जवान किसी भी स्थिति का सामना करने को पूरी तरह से तैयार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 1999 के बाद से लेकर अब तक के हालात काफी बदल चुके हैं। हमारी क्षमताओं और तैयारियों में काफी इजाफा हुआ है। कई स्तर पर सुधार आए हैं और ऐसे में देशवासियों को पूरी तरह से आश्वस्त रहना चाहिए कि अब कारगिल दोबारा नहीं होगा।













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