विपक्ष का खात्मा करके ही मानेंगे पीएम मोदी!

मोदी लोकसभा से लगभग विपक्ष खत्म करने को ही तैयार हो गए हैं। पहले से ही भाजपा पूर्ण बहुमत से है, उसके बाद एनडीए गठबंधन भी काफी मजबूत स्थिति में है। इसके बावजूद भी मोदी अपने लिए नए साथियों की तलाश कर रहे हैं। उन्हें दो नए साथी मिल भी गए है। जी हां हम बात कर रहे हैं एआईडीएमके और बीजद की। दरअसल, नरेंद्र मोदी ने अपने दो पुराने दोस्तों से फिर रिश्तों को सुधारने की कवायद शुरू कर दी है।
दोनों ही दल भाजपा सरकार को बाहर से समर्थन देने को तैयार हो गए हैं। हलांकि एनडीए को समर्थन की जरुरत नहीं है, लेकिन सदन में विपक्ष को कमजोर करने के लिए मोदी ने ये कदम उठाया है। ये दोनों ही दल ना तो वह सत्ता में शामिल होंगे और न ही खुलकर सत्ता के साथ आने की बात करेंगे। आपको बता दें कि एआईडीएमके की जयललिता और बीजद के नवीन पटनायक प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शरीक नहीं हुए थे। माना जा रहा था कि दोनों के बीच में तल्खियां बढ़ी हुई हैं। लेकिन दोनों ही नेताओं के प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद ये बात भी पूरी तरह साफ हो गई है को वो भाजपा को समर्थन देने के लिए तैयार हो चुके हैं।
माना जा रहा है नवीन ने पूरे सहयोग का भरोसा दिया है। वहीं जयललिता भी मोदी से मुलाकात कर खुश थी। ऐेसे में अगर गणित की बात करें तो दोनों पार्टियों के पास लोकसभा में 57 (37 एआईडीएमके+20बीजेडी) सांसद हैं। जबकि राज्यसभा में उनकी संख्या 14 (10एआईडीएमके +4बीजेडी) है।
इन दोनों के अलावा विपक्ष में अगर कोई दो अंकों की संख्या वाली पार्टी बचती है तो उसमें कांग्रेस 44, टीएमसी 34, टीआरएस 11 है। टीआरएस की तेलंगाना में पहली बार सरकार बनी है, ऐेसे में वो केन्द्र सरकार से बैर लेने की गलती नहीं करेंगे। ऐसा हुआ तो विपक्ष के नाम पर कांग्रेस और टीएमसी ही नजर आएंगे। यानि पूरा सदन मोदी के हाथ में होगा। कमजोर विपक्ष की तरह कांग्रेस न बड़े मुद्दों को उठा पाएगी और न ही उस पर कोई जोरदार फैसला करा पाएगी।












Click it and Unblock the Notifications