जिस अस्पताल में नौकरी करता था डाक्टर, अब उसी के सामने नई-नवेली पत्नी संग बेच रहा चाय, जानें क्यों
जिस अस्पताल में नौकरी करता था डाक्टर, अब उसी के सामने नई-नवेली पत्नी संग बेच रहा चाय, जानें क्यों
नई दिल्ली। कोरोना संकट काल हो या सामान्य दिन हर दिन अपनी सेहत की परवाह किए बगैर मरीजों का इलाज करने वाला हर डाक्टर भगवान का ही तो रुप हैं। इसके बावजूद इस कोरोना संकट काल में कहीं इन डाक्टरों पर पत्थर फेंके गए तो कहीं उनके साथ अन्य बदसलूकी की। इन सभी घटनाओं ने मानवता को तार-तार कर दिया हैं वहीं एक और शहर हैं जहां एक डाक्टर के साथ कुछ ऐसा हुआ कि वो उसी अस्पताल के सामने चाय का ठेला लगा रहा हैं जिस अस्तताल में वो कुछ दिनों पहल मरीजों का आला लगाकर इलाज किया करता था।आइए जानते हैं आखिर उसके साथ ऐसा क्या हुआ जो उसे ये कदम उठाना पड़ा?

ये अजीबोगरीब वाकया इस शहर का हैं
दरअसल, ये अजीबोगरीब दृश्य करनाल में एक प्राइवेट अस्पताल के सामने देखने को मिला। जहां सफेद एप्रन पहने एक नवजवान डाक्टर अपनी नव विवाहिता पत्नी के साथ ठेले पर खड़े होकर चाय बेच रहा हैं। उस रास्ते से निकलता हुआ हर व्यक्ति ये नजारा देखकर कर गहरी सोच में पड़ जाता हैं आखिर ये ऐसा क्यों कर रहे हैं।

इस मजबूरी में ठेले पर बेच रहें चाय
आपको बता दें ठेले चाय बेच रहे से डाक्टर गौरव शर्मा हैं और ये करनाल के एक प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टर थे। उनका कसूर इनता था कि उन्होंने जब लॉकडाउन में अपनी दो माह की बकाया सैलरी मांगी तो उनका पहले ट्रांसपर कर दिया गया और जब उन्होंने उसका और विरोध किया तो उन्हें अस्पताल प्रशासन ने नौकरी से ही निकाल दिया गया। मालूम हो कि डॉ. गौरव ृ एक निजी कंपनी द्वारा संचालित अस्पताल में नौकरी कर रहे थे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनको दो माह की सैलरी नहीं दी गई और सैलरी मांगने पर नौकरी से निकाल दिया गया। इससे परेशान डा. गौरव शर्मा ने पत्नी के साथ चाय का ठेला लगा कर चाय बेचना शुरु कर दिया।

सैलरी मांगी तो नौकरी से ही निकाल दिया
बता दें करनाल के सेक्टर-13 में उन्होंने ठेले पर चाय बनाकर लोगों को दी। राहगीरों ने उन्हें देखकर उनका दर्द जानना चाहा और कुछ ही देर में वहां भीड़ जुट गई। डाक्टर गौरव ने सरकार से अस्पताल को संचालित करने वाली कंपनी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। डा. गौरव शर्मा सेक्टर-13 स्थित प्राइवेट कंपनी के अस्पताल में आरएमओ के पद पर तैनात थे। वह आइसीयू का काम देखते थे। उन्होंने बताया कि उन्हें अस्पताल प्रशासन ने फरवरी व मार्च में कंपनी की ओर से सैलरी नहीं दी गई। फिलहाल डा. गौरव को एक माह लीव विदआउट पे पर रहने को कहा था, लेकिन उन्होंने इसे मानने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं कंपनी के हेडआफिस में भी अपनी सैलरी न मिलने की शिकायत की और अपनी सैलरी मांगी तो उन्होंने भी उनकी एक न सुनी। इतना ही नहीं वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया तो उनका ट्रांसफर गाजियाबाद कर दिया। विवाद बढ़ गया तो उनको नौकरी से निकाल दिया गया।

सीएम विंडो पर भी की शिकायत
इससे आहत डाॅ. गौरव ने हरियाणा के सीएम विंडो पर भी शिकायत की लेकिन न्याय न मिलता देख उन्होंने अस्पताल के सामने ही ठेले पर चाय बेचने लगे। उन्होंने कहा कि कोरोना संकटकाल में उनका एक ही सहारा उनकी नौकरी हैं अब उससे भी हटाए जाने से उनका अपना घर चलाना मुश्किल हो गया हैं। उनकी पिछले दिसंबर में ही शादी हुई थी शनिवार को अपनी पत्नी के साथ सेक्टर-13 में सुबह एक रेहड़ी लेकर आए और जिस अस्पताल से उन्हें निकाला गया वो उसी अस्पताल के पास में चाय का ठेला लगाकर चाय बेचने लगे। नवविवाहित पत्नी के साथ चाय बनाकर लोगों को सर्व की। विरोध के इस अनूठे तरीके को लेकर लोग हैरान रह गए।

अस्पलाल प्रशासन ने सैलरी देने के बजाए लगाए ये आरोप
इसपर कंपनी की करनाल यूनिट के हेड ने कहा कि लॉकडाउन में सैलरी देने में दिक्कतें आ रही हैं अस्पताल प्रशासन ने कहा कि जो डाक्टर गौरव रवैया अपनाया वो ठीक नहीं हैं। यहां तक की यूनिट के हेड ने उनकी मदद करने के बजाय ये तक आरोप लगा दिया कि वह कई बार गैरकानूनी काम करते पाए गए, जिसे लेकर तीन-चार नोटिस जारी कर चेतावनी दी जा चुकी है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने मामले में फिलहाल आधिकारिक रूप से कुछ कहने से इन्कार कर करते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों से आदेश मिलने पर हम कार्रवई करेंगे। वहीं अस्पताल के आला अधिकारियों के साथ जब डाक्टर गौरव ने मिलने का किया तो उन्होंने मिलने से इंकार कर दिया।












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