हमारे समाज में अहिंसा का डीएनएः इसी अहिंसा के DNA से अंदरूनी 'हिंसा' क्यों नहीं रुकती मोदी साहेब!
टोक्यो। पहला ही सवाल है कि अगर समाज में अहिंसा के डीएनए है तो लगातार बढ़ रही भारत के भीतर की अहिंसा क्यों नहीं रुक रही। यह बात किसी से छुपी नहीं है कि देश में अभी चारो तरफ सांप्रदायिक दंगों की आग फैल रही है। चारो तरफ मार-काट मची है। क्या नरेंद्र इस से रूबरू होने के बावजूद इस तरह की बात कह सकते हैं। खैर, देश की आमजन समाज का नरेंद्र से यही सावल है।

नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश के समाज में अहिंसा का डीएनए है। परमाणु अप्रसार संधि पर भारत के हस्ताक्षर न करने की वजह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में व्याप्त चिंता दूर होनी चाहिए। शांति और अहिंसा के लिए देश की प्रतिबद्धता भारतीय समाज के डीएनए में रची बसी है। जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय संधि या प्रक्रियाओं से बहुत ऊपर है।












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