आर्टिकल 370 हटाने के बाद अब अमित शाह का नया प्रस्ताव, 'एक देश... एक पहचान पत्र'
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के आर्टिकल 370 हटाने के फैसले के करीब डेढ़ महीने बाद गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने 'एक देश.. एक पहचान पत्र' की वकालत की। इसके अलावा अमित शाह ने कहा कि साल 2021 में जो जनगणना होगी इसमें हम मोबाइल ऐप का भी प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि जनगणना का डिजिटल डेटा होने से अनेक प्रकार के विश्लेषण के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं।

शाह का नया प्रस्ताव, 'एक देश... एक पहचान पत्र'
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सन् 1865 में सबसे पहले जनगणना की गई तब से लेकर 16वीं जनगणना होने जा रही है। कई बदलाव और नई पद्धति के बाद आज जनगणना डिजिटल होने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक हुईं सभी जनगणनाओं में सबसे ज्यादा व्यय इस बार करने जा रही है। इस बार सरकार लगभग 12 हजार करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।
2021 की जनगणना में मोबाइल ऐप का भी होगा प्रयोग
शाह ने देश में एक पहचान पत्र का प्रस्ताव दिया। उनके मुताबिक, इस पहचान पत्र में आधार कार्ड, वोटर आईडी, डीएल सभी एक ही पहचान पत्र में होने चाहिए। अमित शाह ने देश में सभी कार्यों के लिए एक कार्ड की वकालत की। उन्होंने कहा कि जनगणना की पूरी बिल्डिंग ग्रीन बिल्डिंग होगी, भारत में ग्रीन बिल्डिंग के कॉन्सेप्ट को अपनाने की जरूरत है। अमित शाह ने कहा कि देश के सामाजिक प्रवाह, देश के अंतिम व्यक्ति के विकास और देश के भविष्य के काम के आयोजन के लिए जनगणना आधार है।

जनगणना पर 12 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे
गृहमंत्री ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ.. जैसी योजना भी जनगणना से ही जन्म लेती है। कम लिंगानुपात वाले राज्यों में जन जागृति फैलाना, गर्भपात के कानून को कठोर बनाना, जैसे कई प्रयास किये जाते हैं। साल 2014 में नरेन्द्र मोदी जी के देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद हमारे सोचने की क्षमता में बदलाव होने लगा। देश को समस्याओं से मुक्त किया जाए, ऐसी प्लानिंग की शुरुआत 2014 के बाद हुई। इससे जनगणना रजिस्टर के सही उपयोग की शुरुआत हुई।












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