Rajput Vs BJP: क्या राजपूतों की नाराजगी की वजह से राजस्थान, यूपी-बिहार में कम हुई बीजेपी की सीटें?
Rajput Vs BJP: लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। यूपी, राजस्थान व बिहार जैसे बड़े राज्यों में भाजपा को राजपूतों की नाराजगी भारी पड़ी है।
लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने अपने दम पर 240 सीटें जीती हैं जबकि भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए को 292 सीटें मिली हैं।

उत्तर प्रदेश में भाजपा ने खोई 29 सीटें
लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर प्रदेश में हुआ है। 2019 के चुनाव में भाजपा ने यूपी में 62 सीटें जीती थी। साल 2024 में सिर्फ 33 सीटों पर ही सिमट गई। यूपी में भाजपा ने 29 सीटें खोई है।
राजस्थान में भाजपा ने खोई 11 सीटें
पिछले दो लोकसभा चुनाव में भाजपा राजस्थान की सभी 25 सीटें जीत रही थी, मगर साल 2024 के चुनाव में क्लीन स्वीप नहीं कर पाई और 11 सीटों का नुकसान कर लिया। राजस्थान की 25 में से 14 सीटें ही भाजपा को मिली है। शेष 11 सीटें कांग्रेस, इंडिया गठबंधन व बीएपी के हाथ लगी हैं। भाजपा की झुंझुनूं, सीकर, चूरू, भरतपुर, दौसा, टोंक, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, करौली-धौलपुर, नागौर व बांसवाड़ा में हार हुई है।

बिहार में एनडीए को 9 सीटों का नुकसान
बिहार लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए को 30 सीटें मिली हैं। 9 सीटों का नुकसान हुआ है। पिछली बार 39 सीटें जीती थीं। इस बार JDU-BJP को 12-12 सीटें मिली हैं। जदयू की 4 और भाजपा की 5 सीटें कम हुई हैं। जेडीयू को किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया और जहानाबाद में हार का सामना करना पड़ा जबकि भाजपा को पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, औरंगाबाद एवं सासाराम में हार मिली है।
भाजपा से क्यों नाराज हुए राजपूत?
इस बार भाजपा की सीटें कम होने पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि भाजपा को क्षत्रियों के असंतोष की कीमत चुकानी पड़ी है या फिर राम मंदिर ट्रस्ट में समुदाय की अनदेखी से भी पार्टी के वोट शेयर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
गुजरात में भाजपा के वरिष्ठ पुरषोत्तम रूपाला के विवाद बयान और क्षत्रिय इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के आरोपों, खासतौर पर मिहिर भोज विवाद, समुदाय के नेताओं को कम टिकट देना और अग्निवीर योजना जैसे मुद्दों के चलते समुदाय ने देशभर में कई महापंचायतें कीं।












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