इंडिगो में डिफरेंटली एबल बच्चे के साथ गलत व्यवहार के बाद DGCA सख्त, दिव्यांगों के लिए नए नियम जारी
नई दिल्ली, 04 जून: हाल ही में एक डिफरेंटली एबल्ड बच्चे को इंडिगो फ्लाइट में सवार होने की परमीशन नहीं दी गई थी। जिसके कुछ दिनों बाद एयरलाइन पर 5 लाख का जुर्माना लगाया गया था। वहीं इस घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के फ्लाइट में बोर्डिंग संबंधी नए नियम जारी किए हैं।

डीजसीए ने जारी किया ये आदेश
डीजीसीए ने जो आदेश जारी किया है उसमें एयरलाइंस के लिए किसी विकलांग व्यक्ति को भी बोर्डिंग से इनकार करना अवैध माना जाएगा और नियमों के विरुद्ध माना जाएगा।
ऐसा व्यवहार दोबारा ना हो इसलिए उठाया गया है ये कदम
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा यह कदम यह सुनिश्चित करने की ऐसे लोगों के साथ एयरलाइन्स द्वारा गलत व्यवहार करने से रोका जा सके। एक ऐस कैटराइगेशन जो उन्हें यात्रियों को उतारने की अनुमति देता है जिन्हें 2017 में जारी नागरिक उड्डयन आवश्यकता (सीएआर) नियमों के अनुसार उड़ान की सेवा को बाधित करने के रूप में माना जाएगा।
डीजीसए ने नियमों में किए हैं ये परिवर्तन
डीजीसीए अधिसूचना सीएआर की धारा 3, सीरीज एम, भाग I में संशोधन किया है , जिसमें अब कहा गया है
एयरलाइन विकलांगता के आधार पर किसी भी व्यक्ति को ले जाने से मना नहीं करेगी। हालांकि अगर एक एयरलाइन को लगता है कि ऐसे यात्री का स्वास्थ्य उड़ान में खराब हो सकता है, तो उक्त यात्री की एक डॉक्टर द्वारा जांच की जानी चाहिए- जो स्पष्ट रूप से चिकित्सा स्थिति को बताएगा और यात्री उड़ान भरने के लिए फिट है या नहीं । चिकित्सक की राय मिलने के बाद एयरलाइन उचित निर्णय ले सकती है।
जानें क्या थी वो बच्चे वाली घटना
बता दें 7 मई की घटना के दौरान, इंडिगो ने दावा किया कि बच्चा "दहशत में दिख रहा था" और इसलिए उसे रांची-हैदराबाद उड़ान में सवार होने की अनुमति नहीं दी गई। इंडिगो ने उस समय कहा "हवाई अड्डे के कर्मचारी, सुरक्षा दिशानिर्देशों के अनुरूप, एक कठिन निर्णय लेने के लिए मजबूर थे क्योंकि बच्चे के कारण फ्लाइट में हंगामा हो सकता था। एयरलाइंस ने अपनी सफाई में ये भी कहा कि आखिरी मिनट तक उसके ग्राउंड स्टाफ ने बच्चे के शांत होने का इंतजार किया।
सिंधिया ने तुरंत किया था हस्तक्षेप
बता दें इस घटना की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिसे संज्ञान में लेते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तत्काल हस्तक्षेप किया - DGCA ने कहा कि एयरलाइन द्वारा अधिक दयालु व्यवहार से बच्चे को शांत किया जा सकता था। जिसके बाद एयरलाइन्स पर 5 लाख का जुर्माना लगाया गया।












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