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दिल्ली हिंसा: SSC पास कर IAS बनने की तैयारी कर रहे थे राहुल ठाकुर, एक गोली चली और सब खत्म हो गया

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नई दिल्ली- दिल्ली में कई जिंदगियां तबाह हुई हैं। कई परिवार हमेशा-हमेशा के लिए उजड़ गए हैं। किसी का एक ही झटके में परिवार, धन-संपत्ति-आशियान सब खत्म हो गया है। दिल्ली हिंसा में मारे गए ऐसे ही लोगों में सिर्फ 23 साल का एक नौजवान राकुर भी हैं। परिवार के लिए ही नहीं, पड़ोसियों के लिए भी वह एक होनहार युवक थे। एसएसबी पास करने के बाद उनकी सरकारी नौकरी पक्की थी। लेकिन, उन्होंने अपने लिए,अपने परिवार और अपने देश के लिए उससे भी बड़ा सपना बुना था। सिर्फ सपने बुने ही नहीं थे, उसे हासिल करने की ओर सही दिशा में कदम बढ़ा भी रहे थे। किभी भी वक्त और बड़ी सफलता उनका कदम चूम सकती थी। लेकिन, दंगाइयों की एक गोली ने सब कुछ तबाह कर दिया।

एक होनहार नौजवान का दुखद अंत

एक होनहार नौजवान का दुखद अंत

पिछले 24-25 फरवरी को जब दिल्ली जल रही थी तो उसकी चपेट में आने से बृजपुरी भी नहीं बच पाई। जैसे-जैसे हालात सामान्य हो रहे हैं, वैसे-वैसे एक से बढ़कर एक वो मार्मिक कहानियां भी सामने आ रही हैं, जिसके बारे में सुनकर भी बदन सिहर उठता है। दिल्ली में हिंसा की चपेट में आए सैकड़ों परिवारों में से एक राहुल के परिवार की भी वही दास्तां है। सिर्फ 23 साल के राहुल ठाकुर से उनके माता-पिता को भी उतनी ही उम्मीदें थीं, जितनी कि किसी भी होनहार बच्चे से हर मां-बाप का हो सकता है। लेकिन, आज परिवार और पड़ोस में सिर्फ मातम पसरा है। राहुल अपने पिता की तरह ही देश की सेवा करने का सपना बुन रहे थे। उनके पिता आरपीएफ में जवान हैं। लेकिन, हिंसा की चपेट में आकर आज राहुल के सपने और उनके पिता की उम्मीदें सब जलकर राख हो चुकी हैं।

एक गोली चली और सारे सपने बिखर गए

एक गोली चली और सारे सपने बिखर गए

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसा-प्रभावित बृजपुरी इलाके में रहने वाले राहुल ठाकुर एसएससी की परीक्षा पास कर चुके थे। लेकिन, उन्होंने आईएएस बनने का सपना देखा था। उनकी सिविल सर्विसेज की परीक्षा की तैयारी भी सही दिशा में चल रही थी। दो-दो बार प्रिलिम्स निकाल भी चुके थे। उम्र और चांस बचे हुए थे, इसलिए हौसला बनाए रखा था कि एक दिन जीवन का सबसे बड़ा ख्वाब भी पूरा होगा। लेकिन, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि 25 फरवरी को दहशत की आग में उनके परिवार के सारे सुनहरे सपने बिखर कर रह जाएंगे। राहुल के चचेरे भाई अंकित के मुताबिक, शाम के 4 बज रहे होंगे। बाहर खूब हंगामा मचा था। शोर सुनकर राहुल खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने घर से बाहर कदम रखा ही था कि अचानक एक गोली चली और वह उनके सिर को पार कर निकल गई। उस बवाल के बीच भी परिवार वाले किसी तरह लहूलुहान राहुल को पास के एक क्लीनिक तक ले गए। वहां से जीटीबी अस्पताल भेज दिया गया और फिर सब कुछ खत्म हो गया।

बृजपुरी के 'सबसे खुशहाल स्कूल' का हुआ ये हाल

बृजपुरी के 'सबसे खुशहाल स्कूल' का हुआ ये हाल

दंगाइयों ने हिंसा-प्रभावित बाकी इलाकों की तरह बृजपुरी में भी भारी तबाही मचाई है। हिंसा का मंजर ऐसा था कि दंगाइयों ने स्कूलों को भी नहीं बख्शा। ऊपर की तस्वीर बृजपुरी के ही अरुण मॉडर्न स्कूल की है। इसी से अंदाजा लग सकता है कि क्लासरूम में जो बच्चे मौजूद रहे होंगे, उनपर उस वक्त क्या गुजरी होगी। ऊपर की तस्वीरें तो मामला शांत होने के बाद ली गई हैं। इस स्कूल के बाहर एक बोर्ड लगा हुआ था, जिसमें लिखा था कि 'सबसे खुशहाल स्कूल में आपका स्वागत है'। लेकिन, अब न वह बोर्ड नजर आ रहा है और न ही स्कूल का गेट, क्योंकि सब कुछ जलाया जा चुका है। लाइब्रेरी की किताबें जमीन पर पड़ी हुई हैं।

लगातार बढ़ रहा है मौत का आंकड़ा

लगातार बढ़ रहा है मौत का आंकड़ा

तीन-चार दिनों तक जलने के बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली की आग धीरे-धीरे बुझ रही है। लेकिन,जैसे-जैसे नाले खंगाले जा रहे हैं मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब तक 39 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन, जिस तरह से नालों से लाशें मिलने का सिलसिला शुरू हुआ है, उससे मृतकों की संख्या को लेकर आशंकाएं गहराती जा रही हैं। नाले में सबसे पहला शव चांदबाग इलाके में आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा का मिला था। गुरुवार को गोकुलपुरी के गंगा विहार के पास नाले से 2 शव बरामद और हुए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने नालों को खंगालने का भी काम शुरू किया है। हिंसाग्रस्त इलाकों में जिस तरह से दुकानें और घरों को जलाया गया है, उससे आशंका है कि राखों की ढेर में भी कुछ शव निकल आए तो हैरानी नहीं होगी। क्योंकि, सोनिया विहार इलाके के ग्रीन गार्डन में एक जली हुई कार के पास से भी डेड बॉडी मिली है, जिसकी पहचान नहीं हो पाई है।

इसे भी पढ़ें- दिल्ली हिंसा के पीछे कौन? हाईकोर्ट ने दिल्ली और केंद्र सरकार से मांगा जवाब

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English summary
The 23-year-old Rahul Thakur, who was preparing for the IAS after passing the SSB examination, was also murdered in the Brijpuri area in the violence in Delhi.
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