आखिर 'डलहौजी रोड' का नाम बदल कर क्यों किया गया 'दारा शिकोह रोड'?
दारा शिकोह शाहजहां के सबसे बड़े बेटे दारा शिकोह ने हिंदू मुस्लिम एकता और भाईचारे का बढ़ावा दिया। वो कला और संगीत के बड़े जानकार थे ।
नई दिल्ली। दिल्ली में कुछ अरसे पहले औरंगजेब रोड का नाम बदलकर APJ अब्दुल कलाम रोड कर दिया गया था। अब नई दिल्ली नगर निगम परिषद एनडीएमसी ने डलहौजी रोड का नाम बदल कर दारा शिकोह रोड कर दिया है। आपको बता दें कि दारा शिकोह, औरंगजेब के भाई थे। औरंगजेब ने सत्ता की लड़ाई में दारा शिकोह की हत्या कर दी थी। अब इस बात को लेकर चर्चा इसलिए शुरु हो गई है क्योंकि दारा शिकोह हिंदू विचारधारा का प्रबल समर्थक था।

नई दिल्ली नगर निगम परिषद के अध्यक्ष नरेश कुमार द्वारा बुलाई गई एक बैठक में परिषद की सदस्य और भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने इस आशय का एक प्रस्ताव रखा जिसे पारित कर दिया गया। लेखी ने कहा, ''परिषद ने हिंदुओं और मुसलमानों को साथ लाने के लिए दारा शिकोह के सम्मान में इस सड़क के फिर से नामकरण का फैसला किया है''। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति भवन से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित डलहौजी रोड का नाम लॉर्ड डलहौजी के नाम पर रखा गया था जो 1848 से 1856 तक भारत के गवर्नर जनरल थे। पढ़ें- समलैंगिक राजकुमार ने बयां की पुलिस की हैवानियत, जेल में करते हैं शारीरिक शोषण
परिषद के एक सदस्य ने कहा, ''औरंगजेब रोड का नाम दारा शिकोह के नाम पर रखने का प्रस्ताव सबसे पहले 2014 में आया था। हालांकि जब राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का निधन हो गया तो इस रोड का नाम उनके सम्मान में बदलकर उनके नाम पर रख दिया गया।'' हालांकि इस प्रस्ताव का विरोध आम आदमी पार्टी के विधायक सुरिंदर सिंह ने किया और कहा कि अभी राज्यों में चुनाव चल रहे हैं ऐसे में इस फैसले को लागू करने का यह वक्त सही नहीं है।
मीनाक्षी लेखी ने क्या दिया तर्क
मीनाक्षी लेखी ने दारा शिकोह के नाम पर सड़क का नाम रखे जाने को लेकर तर्क दिया। उन्होंने कहा कि दारा शिकोह शाहजहां के सबसे बड़े बेटे दारा शिकोह ने हिंदू मुस्लिम एकता और भाईचारे का बढ़ावा दिया। वो कला और संगीत के बड़े जानकार थे और उन्होंने अपनी आखिरी सांस दिल्ली में ली इसलिए डलहौजी रोड का नाम बदलकर दारा शिकोह रोड किया जाए।












Click it and Unblock the Notifications