घाटे में चल रही है दिल्ली मेट्रो, किराया बढ़ाना बेहद जरूरी: डीएमआरसी
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (DMRC) ने शनिवार को कहा कि मेट्रो की लागत को निकालने और यात्रियों को दी जा रही विश्व स्तरीय सुविधाओं को जारी रखने के लिए मेट्रो का किराया बढ़ाना बेहद जरूरी है। डीएमआरसी ने अपने बयान में कहा कि 2009 के बाद से ही दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ाया नहीं गया है जबकि अगर मेट्रो सेवाओं की लागत की बात की जाए तो उर्जा में 105 प्रतिशत की वृद्धि, कर्मचारियों पर होने वाले खर्च में 139 प्रतिशत और मेट्रो की रख रखाव में होने वाले खर्च में 213 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

DMRC ने कहा कि, 'विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए यह जरूरी है दिल्ली मेट्रो स्वस्थ तरीके से संचालित हो। इस को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो आपरेशन एंड मेंटेनेंस एक्ट, 2002 में मेट्रो किराए की समय समय पर समीक्षा का प्रावधान जोड़ा गया है। इसके अलावा कई ऐसी चीजें जिन्हें समय समय पर बदलना जरूरी होता जिसके लिए फंड की जरूरत होती है जैसे कि ट्रेन(रोलिंग स्टाक) जिसकी लाइफ 30 साल की होती है।
डीएमआरसी ने बताया कि मेट्रो के संचालन के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी से लोन लिया गया था जिसमें से 26, 760 करोड़ रुपये अभी भी बकाया है। डीएमआरसी ने बताया कि पूरी कुशलता से संचालन के बाद भी दिल्ली मेट्रो को 378 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। ऐसे में मेट्रो का किराया बढ़ाना अब जरूरी हो गया है।
बता दें कि अभी हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस बात का गुहार लगाई थी कि दिल्ली मेट्रो के किराए को बढ़ाए जाने के फैसले की समीक्षा की जाए। दिल्ली मेट्रो ने अभी मई में किराए में वृद्धि की थी और एकबार फिर से 10 अक्टूबर से किराए में अधिकतम 10 रुपये बढ़ाने की अनुशंसा की है।












Click it and Unblock the Notifications