Delhi-Meerut RRTS project: सुरंग बनाने का आखिर चीन की कंपनी STEC को ही मिला ठेका
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस परियोजना के तहत बनने वाली सुरंग का ठेका चीन की कंपनी शंघाई टनल इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (STEC) को दिया है। कंपनी को न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद तक 5.6 किलोमीटर भूमिगत स्ट्रैच के निर्माण का ठेका मिला है। चीनी कंपनी को ठेका देने को लेकर विवाद भी देखने को मिला था लेकिन आखिरकार चीनी कंपनी ठेका पाने में सफल रही है।
Recommended Video

प्रक्रिया और दिशानिर्देशों के बाद ही ठेका दिया गया
देश की पहली क्षेत्रीय रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) को क्रियान्वित कर रही एनसीआरटीसी ने इसको लेकर कहा है, निर्धारित प्रक्रिया और दिशानिर्देशों के बाद ही ठेका दिया गया है। कई एजेंसियों ने इसके लिए बोली लगाई गई थी। इस बोली को निर्धारित प्रक्रिया और दिशानिर्देशों के बाद ही इजाजत दी गई थी। जिसके बाद ये ठेका दिया गया है। एनसीआरटीसी ने 9 नवंबर, 2019 को न्यू अशोक नगर दिल्ली से साहिबाबाद तक सुरंग के निर्माण के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। पांच कंपनियों ने इसके लिए बोली लगाई थी।

एडीबी की मदद से बन रहा कॉरिडोर
एनसीआरटीसी की ओर से बताया गया है कि 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के सभी सिविल वर्क टेंडर को जारी किया जा चुका है और इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण कार्य जारी है। 82-किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर को एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की मदद से तैयार किया जा रहा है।

गलवान के बाद उठे थे चीनी कंपनी को ठेका देने पर सवाल
इस साल जून में लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन की सेनाओं में काफी ज्यादा तनाव देखने को मिला था। गलवान में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद बीच दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस परियोजना के तहत इस सुरंग के निर्माण के लिए चीनी कंपनी को ठेका देने पर भी सवाल उठे थे। पिछले साल जून में प्रोजेक्ट के लिए इस चीनी कंपनी ने सबसे कम बोली लगाई थी, लेकिन तब सीमा पर जारी विवाद के कारण ठेका रोक दिया गया था।












Click it and Unblock the Notifications