Coal Import Case: कोयला आयात के मामले में अडानी-एस्सार ग्रुप घिरे, दिल्ली HC ने दिए जांच के आदेश
Delhi High Court: कोयले के आयात में ज्यादा कीमतें वसूलने के आरोपों की जांच करने के दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) निर्देश दिए हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई और डीआरआई को अडानी समूह और एस्सार समूह सहित कई कंपनियों द्वारा कोयला आयात और उपकरणों के अधिक बिल के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसियों को कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के लिए कहा है। जस्टिस सुरेश कुमार कैत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इस मामले की वास्तवित स्थिति की जांच हो और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
हाई कोर्ट की पीठ ने आदेश दिया, "यह अदालत प्रतिवादियों को सावधानीपूर्वक और शीघ्रता से याचिकाकर्ताओं के आरोपों पर गौर करने और वास्तविक तथ्यात्मक स्थिति का पता लगाने और गलती करने वाली कंपनियों, यदि कोई हो, के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने का निर्देश देना उचित समझती है।"
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक हाई कोर्ट का निर्देश सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन द्वारा दायर दो जनहित याचिकाओं (पीआईएल) और कार्यकर्ता हर्ष मंदर द्वारा दायर एक अन्य जनहित याचिका के जवाब में आया है।
आवेदकों ने अधिक बिलिंग के आरोपी विभिन्न निजी बिजली उत्पादक कंपनियों के संबंध में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की रिपोर्टों की एसआईटी जांच की मांग की थी।
मालूम हो कि पिछले महीने डीआरआई ने कोयले के आयात के कथित अधिक मूल्यांकन के लिए अडानी समूह की जांच फिर से शुरू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी थी और सिंगापुर से सबूत इकट्ठा करने के लिए शीर्ष अदालत की मंजूरी का भी अनुरोध किया था।
बता दें कि डीआरआई 2016 से सिंगापुर के अधिकारियों से अडानी के लेन-देन से संबंधित लेनदेन दस्तावेज हासिल करने का प्रयास कर रहा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार एजेंसी को संदेह है कि इंडोनेशियाई आपूर्तिकर्ताओं से आयातित समूह के कई कोयला शिपमेंट को पहले कागज पर इसकी सिंगापुर इकाई, अडानी ग्लोबल पीटीई और फिर इसकी भारतीय शाखाओं को उच्च कीमतों पर बिल किया गया था।












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