ऑपरेशन में लापरवाही ने छीन ली एक आंख की रोशनी, डॉक्टरों पर 15 लाख का जुर्माना
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक डॉक्टर दंपति को आंख के ऑपरेशन में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया है और उन्हें मुआवजे के रूप में 15 लाख रु मरीज को देने की सजा दी गई है। 14 साल पहले जिस महिला की आंखों का ऑपरेशन किया गया था उसने अपनी एक आंख की रोशनी गंवा दी थी। दिल्ली के स्टेट कंज्यूमर डिस्प्युट्स रिड्रेसल कमीशन के सामने ये मामला महिला द्वारा उठाया गया था।
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आंखों के ऑपरेशन में लापरवाही
कमीशन ने कहा कि डॉक्टर्स अपने मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाने में नाकाम रहे ताकि उनके आंख के ऑपरेशन करने की दक्षता परखी जा सके। कमीशन ने कहा कि वो ये भी नहीं बता पाए कि आंख का ऑपरेशन किसी रेगुलर क्लिनिक में किया गया था या फिर कहीं और। मामले की सुनवाई कर रहे उपभोक्ता फोरम के जज एनपी कौशिक ने आयोग के फैसले को मेडिकल काउंसिल को भेजने की बात भी कही।

16 साल पुराना है मामला
इसके अलावा मेडिकल सचिवालय, मंत्रालय और मेडिकल कमीशन ऑफ इंडिया को भी इस फैसले से अवगत कराने की बात कही गई। बता दें कि ये मामला 16 साल पुराना है जिसमें 2 फरवरी 2004 को सविता खन्ना आदित्य आई केयर ऑपरेशन कराने पहुंची थीं। वहां पर उन्होंने डॉक्टर लक्ष्मी और डॉक्टर आरएस लाल से मुलाकात की थी।

महिला की एक आंख की रोशनी चली गई
उसी दिन उनकी आंखों का ऑपरेशन कर दिया गया था और इंट्रा-ऑकुलर लेंस आंख में लगा दिया गया था। सविता खन्ना का कहना था कि ऑपरेशन के दौरान पूरी प्रकिया को फॉलो नहीं किया गया और ऑपरेशन के बाद उनका काफी खून बहा था। जबकि दूसरा ऑपरेशन 1 मार्च 2004 को हुआ लेकिन फिर भी उनकी आंख की हालत में सुधार नहीं हुआ था। जब उन्होंने किसी अन्य जगह इसके इलाज के लिए बात की तो बताया गया कि पहले के ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई और आंखों की रोशनी वापस आने की कोई उम्मीद नहीं है।
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