यूपी के स्कूलों में फीस वृद्धि पर AAP की तीखी प्रतिक्रिया, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर लगाए ये आरोप
नई दिल्ली, 11 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के निजी स्कूलों में शुल्क वृद्धि करने पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने बीजेपी सरकार (BJP Govrnment) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार निजी स्कूलों में स्कूल फीस वृद्धि की अनुमति देकर देश को अशिक्षित रखना चाहती है। वहीं उन्होंने पंजाब सरकार (Punjab Government) का जिक्र करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP)की सरकार को को भाजपा (BJP) से बेहतर बताया। दिल्ली डिप्टी सीएम ने योगी सरकार के फीस वृद्धि के आदेश को अभिभावकों को लूटने की अनुमति देने वाला आदेश बताया।

यूपी में निजी स्कूलों को अपनी फीस बढ़ाने की अनुमति देने पर भाजपा सरकार की दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जमकर खिंचाई की। उन्होंने बीजेपी को भगवा पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि इस पार्टी की सरकार देश को अशिक्षित रखना चाहती है। सिसोदिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को विद्यार्थियों के अभिभावकों की स्थिति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार के एक निर्णय की जमकर प्रशंसा की।
आप सरकार का किया बखान
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में 16 मार्च को आम आदमी पार्टी की सरकार बनी। 10 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर रोक लागाने का आदेश जारी कर दिया। सिसोदिया ने आप सरकार के कार्यों का बखान करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने भी निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि को रोकने के लिए काम किया। साल 2015 में दिल्ली में निजी स्कूल मनमाने ढंग से अपनी फीस वृद्धि को रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले सात वर्षों में निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने पर रोक है।
भाजपा पर अभिभावकों को लूटने का लगाया आरोप
वहीं दूसरी ओर 25 मार्च को उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और उसने एक आदेश पारित किया जिसमें कहा गया था कि निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने और माता-पिता को लूटने की पूरी आजादी है। सिसोदिया ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान कई लोगों ने अपनी आजीविका खो दी है और शुल्क वृद्धि से उन्हें नुकसान होगा। सिसोदिया ने आरोप लगाया के ये लोग सरकारी स्कूलों में सुधार पर काम नहीं कर सकते। ऐसे में आम आदमी कहाँ जाएगा?
यूपी के निजी स्कूलों के शुल्क में 5 प्रतिशत वृद्धि का आदेश
अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के निजी स्कूलों में फीस वृद्धि से संबंधित आदेश जारी कर दिया है। जिसमें यह साफ किया गया है कि निजी स्कूसों में शुल्क में वृद्धि वर्ष 2019-20 के फीस स्ट्रक्चर के आधार की जा सकेगी। उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने कोविड के दौरान स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगी रोक को हटाते हुए यह निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय से अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है। सरकार की ओर निजी स्कूलों के सामने यह शर्त भी रखी गई है कि 2022-23 सेशन में वार्षिक वृद्धि की गणना नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाए। साथ ही 5 फीसदी शुल्क वृद्धि वर्ष 2019-20 में लिए गए वार्षिक शुल्क के 5 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए।












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