इंसान का इंसान से हो भाई चारा... यही पैगाम हमारा: केजरीवाल

- केजरीवाल ने कहा- ये सारी लड़ाई जो हमने लड़ी थी, ये सारी कवायद जो की थी, वो केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाने के लिये नहीं की थी, बल्कि सत्ता के किले को तोड़कर सत्ता आम आदमी के हाथ में दी है। अब तक हम सोचते थे कि देश का कुछ नहीं हो सकता, लेकिन इस बार दिल्ली के चुनाव में हमने यह दिखा दिया कि ईमानदारी से चुनाव लड़ा जा सकता है, चुनाव जीता जा सकता है। यह बहुत बड़ी जीत है, दिल्ली के लोगों की जीत।
मैं परमपिता, ईश्वर, अल्लाह, वाहेगुरु, जीसस, सबसे कहना चाहूंगा कि यह एक बहुत बड़ा चमत्कार है। यह जरूर कोई न कोई कुदरती करिश्मा है। मैं इसके लिये ईश्वर का शुक्रिया अदा करता हूं। दोस्तों यह तो शुरुआत है। यह लड़ाई अरविंद केजरीवाल नहीं लड़ सकता, यह छह लोग नहीं लड़ सकते, दिल्ली के डेढ़ करोड़ लोग मिल जायें तो हम देश से भ्रष्टाचार खत्म कर सकते हैं।
भगवान ने सारी बुद्धि नहीं है, हमारे पास जादू की छड़ी नहीं है, कि आज सरकार बनी, कल समस्याएं खत्म। अगर हम दिल्लीवासी एक साथ मिलकर सरकार चलायेंगे। केवल छह सात मंत्री नहीं, कुछ अफसर नहीं, कुछ पुलिस वाले नहीं चलायेंगे। आज से ढाई साल पहले इसी रामलीला मैदान में हमने अनशन किया था। हमने आंदोलन किया, अनशन किया, सबकुछ किया, लेकिन अंत में यही सबक मिला कि राजनीति बदलने के साथ ही देश को बदला जा सकता है।
आज हमारी देश की समस्याएं, गंदी राजनीतिक की वजह से है, आज हमारे सरकारी अस्पतालों में दवाएं नहीं मिलती, आज पानी नहीं मिलता, बिजली महंगी है, सड़कें टूटी हुई हैं, क्योंकि राजनीति खराब है। आज का दिन ऐतिहासिक है इसी व्यवस्था को बदलने की। हमने इस संघर्ष में संतोष कोली को खो दिया। कहा जाता है शरीर मरता है, लेकिन आत्मा जीवित रहती है, आज उनकी आत्मा जहां भी होगी, अगर सुन रही होगी, तो वो खुश हो रही होगी कि उनकी शहादत बेकार नहीं गई।
कई लोग कहते हैं कि अरविंद जी सतर्क रहना, ये अफसरशाही आपको आगे नहीं बढ़ने नहीं देगी। मैं पिछले कुछ दिनों में मैं अफसरों से मिला। मैंने देखा कि चंद लोग ही बेईमान हैं, बहुत सारे अफसर ईमानदारी से काम करते हैं। हम और अफसर एक हो जायें, तो देश को भ्रष्टाचार से मुक्त बना सकते हैं।
मैं अपने मंत्रियों, विधायकों से विनती करना चाहूंगा कि कभी ऐसा न हो कि हमारे मन में घमंड आ जाये। जिस दिन घमंड आ गया, उस दिन सारा संघर्ष बेकार चला जायेगा। कहीं ऐसा न हो, कि हमारे घमंड को भी तोड़ने के लिये भी संघर्ष करना पड़े। हमें अपना सेवा भाव कभी नहीं भूलना है।
आज कई ताकतें हमारे काम में तरह-तरह की अड़चनें लगायेंगी। सच्चाई का रास्ता हमेशा कांटों भरा रहता है। दिल्ली की जनता भी आने वाली चुनौतियों के लिये तैयार रहे। मेरे ऊपर इन मंत्रियों, विधायकों के ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है, जनता ने। हमने कहा है कि जनता के साथ मिलकर दिल्ली की सरकार को चलायेंगे। जिस तरह आपकी उम्मीदें बढ़ गई हैं, कई बार मुझे डर लगने लगता है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि हे प्रभु हमें साहस देना कि हम कोई गलती नहीं करें। अगर हम सच्चाई के रास्ते पर चलते रहे तो सच्चाई की जीत जरूर होगी।
मैं सभी के साथ का आह्वान करता हूं। डा. हर्षवर्धन जो बीजेपी के नेता हैं, बहुत अच्छे हैं, पार्टी के बारे में नहीं कह सकता, लेकिन वो बहुत अच्छे इंसान हैं। आप लोग अपने दिल से पूछाना कि जो हम कर रहे हैं, वो सच्चाई के लिये कर रहे हैं, या नहीं। अगर आपको लगे कि हम सही कर रहे हैं, तो आप पार्टी छोड़कर हमारे साथ देश की सेवा के लिये आ जाना। अगर विश्वास मत हम हासिल नहीं कर पाये। तो उसकी भी हमें परवाह नहीं, हम जनता के बीच से आये हैं, जनता के बीच वापस चले जायेंगे। दिल्ली की जनता दोबारा चुनाव के लिये तैयार है।
साथियों पिछले दो साल से देश में कुछ न कुछ अद्भुत हो रहा है। जब अन्ना जी आये थे, तब पूरा देश सड़कों पर आ गया। तो मुझे लगने लगा कि कोई न कोई चमत्कार है। पूरे देश के अंदर अदभुत तरंग दौड़ ही है। दामिनी का बलात्कार हुआ पूरा देश सड़क पर आ गया, बलात्कार पहले भी होते थे, लेकिन अब क्या ऐसा हो गया। यह उसी तरंग का कमाल है।
आज हम एक शपथ लेंगे कि न हम रिश्वत न तो लेंगे और न ही रिश्वत लेंगे। अगर कोई पैसे मांगे तो मना मत करना, उससे सेटिंग कर लेना, हम दो दिन के अंदर एक फोन नंबर दें, उस पर कॉल करना। उसको रंगे हाथों पकड़वाना। सारी दिल्ली ठान ले कि न हम कभी रिश्वत लेंगे और न ही रिश्वत देंगे।
अंत में केजरीवाल ने पूरी सभा को कसम दिलायी- मैं कसम खाता हूं कि अपनी जिंदगी में न कभी रिश्वत लूंगा, न रिश्वत दूंगा।
पार्टी की प्रार्थना-
इंसान का इंसान से हो भाई चारा... यही पैगाम हमारा, यही पैगाम हमारा।
इंसान का इंसान से हो भाई चारा... यही पैगाम हमारा, यही पैगाम हमारा।
हर एक महल से कहो कि झोपड़ियों में दिये जलाये
हर एक महल से कहो कि झोपड़ियों में दिये जलाये
छोटों और बड़ों में अब कोई फरक नहीं रह जाये
छोटों और बड़ों में अब कोई फरक नहीं रह जाये
इस धरती पर हो प्यार का घर-घर उजियारा
यही पैगाम हमारा, यही पैगाम हमारा।
इंसान का इंसान से हो भाई चारा... यही पैगाम हमारा, यही पैगाम हमारा।
- 11:59 बजे अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसी के साथ केजरीवाल ने सीएम पद ग्रहण कर लिया।
केजरीवाल के बाद मनीष सिसोधिया ने शपथ ली। उनके बाद- सोमनाथ भारती, सत्येंद्र जैन, राखी बिड़ला, गिरीश सोनी और सौरभ भारद्वाज ने शपथ ली। ये सभी छह नेता केजरीवाल की कैबिनेट में शामिल हैं।
- अरविंद केजरीवाल मंच पर पहुंचे। राष्ट्रगान पूरा हुआ। शपथ ग्रहण की औपचारिकताएं शुरू।
- अरविंद केजरीवाल रामलीला मैदान पहुंच चुके हैं। थोड़ी ही देर में अपने साथियों के साथ केजरीवाल शपथ लेंगे।
- जो नेता 50 से 60 वाहनों के काफिले के साथ शपथ लेने जाते हैं, आज शायद वो शर्म महसूस कर रहे होंगे, क्योंकि केजरीवाल ने उनके इस भ्रम को दूर कर दिया है कि आम आमदी के साथ नेता सुरक्षित नहीं रह सकते। कौशाम्बी से बाराखंभा तक मेट्रो का सफर कर के केजरीवाल व उनके चुने हुए विधायक साथी बारा खंभा पहुंच चुके हैं। यहां से केजरीवाल खुली जीप में जायेंगे।
मेट्रो ट्रेन में मनीष सिसोधिया- हम सिर्फ काम करने जा रहे हैं, हमारी सरकार पांच दिन चले, पांच हफ्ते, पांच महीने या पांच साल, हमें सिर्फ काम करना है। काम की शुरुआत पहले दिन से शुरू हो जायेगी। ट्रेन में आज तक से बातचीत में मनीष ने कहा कि आज हमारे विधायकों की आंखों में चमक है, लेकिन साथ में धड़कनें भी तेज हैं।
केजरीवाल मेट्रो ट्रेन में चढ़ने से पहले- आज एक ऐतिहासिक दिन है और यह दिन केजरीवाल के लिये ऐतिहासिक नहीं बल्कि जनता के लिये ऐतिहासिक है। हमारे साथियों में जोश है दिल्ली को बदलने का और उसे हम ठंडा नहीं होने देंगे।
सुबह अन्ना हजारे ने लिखा खत- अन्ना ने ई-मेल के जरिये केजरीवाल को बधाई संदेश भेजा और कहा कि उनके व उनकी टीम के साथ मेरी शुभकामनाएं हमेशा रहेंगी।












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