जनलोकपाल बिल: क्या केजरीवाल फिर जाएंगे धरने पर

बिल पर केंद्र की मंजूरी के लिए राज्य सरकार इसे पहले उपराज्यपाल के पास भेजेगी, जिसके बाद वह इसे गृहमंत्रालय के पास भेजेंगे। ऐसे में अगर गृहमंत्रालय ने इसे अपने पास रोंक लिया तो केंद्र और दिल्ली सरकार में टकराव की स्थिति बन सकती है। खास बात है कि केजरीवाल के ही 3 विभागों गृह, कानून और वित्त ने इस पर आपत्तियां दर्ज की हैं। जिस पर सबसे बड़ा सवाल ये हैं कि डीडीए और दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के दायरे में आते हैं तो इन्हें जन लोकपाल बिल के अन्तर्गत कैसे लाया जा सकता है?
केजरीवाल का कहना है कि वह फरवरी के पहले सप्ताह तक दिल्ली की जनता को जनलोकपाल बिल का तोहफा देना चाहते हैं, लेकिन अब यह इतना आसान नहीं होगा। गौर हो कि आने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली सरकार के लिए जन लोकपाल बिल काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आम आदमी पार्टी देश की 340 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पार्टी को देश भर में समर्थन मिल रहा है, ऐसे में जन लोकपाल बिल लाकर पार्टी जनता के बीच बेहतर छवि बनाने में कामयाब रहेगी।
ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि केंद्र सरकार और दिल्ली के बीच अगर टकराव की स्थिति बनती है तो केजरीवाल विरोध प्रदर्शन के लिए क्या रास्ता अख्तियार करते हैं, क्या वो फिर से धरना प्रदर्शन करेंगे?












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