खुलकर लीजिए सांस, तीन सालों में सबसे बेहतर हुई दिल्ली की हवा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दावा
नई दिल्ली। सोमवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2017 और 2016 की तुलना में 2018 में राजधानी में हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। सीपीसीबी के अधिकारियों ने बताया कि हवा की गुणवत्ता में सुधार ग्रेडियड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरपी) और कई एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सहित कई उपायों के कारण संभव हो सका है।
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तीन सालों की तुलना में दिल्ली की हवा बेहतर
एक जनवरी से लेकर अगस्त 26 तक कुल 118 दिन ऐसे रहे हैं जब दिल्ली में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक रही है। जबकि इस दौरान 120 दिन हवा का स्तर खराब और चिंताजनक रहा। सीपीसीबी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 में 113 दिन ऐसे थे जब हवा का स्तर अच्छा था। जबकि इस प्रकार की स्थिति साल 2016 में केवल 74 दिन थी। बताया जा रहा है कि अभी दिल्ली की हवा का स्तर पिछले तीन साल की तुलना में बेहतर है।

दिल्ली को लोगों के लिए राहत
एयर क्वालिटी इंडेक्स पिछले तीन सालों में लगातार घटा है। AQI साल 2016 में 153, साल 2017 में 125 और अब साल 2018 में अभी तक 120 पर है। बता दें कि जून के महीने में धूल भरी आंधियों के चलने के कारण राजधानी में पीएम10 काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था। इस कारण लोगों को कई बीमारियां होने का खतरा पैदा हो गया था।

हवा में घुले खतरनाक कणों में कमी
वहीं, उम्मीद की जा रही है कि इस साल लोगों को बेहतर हवा मिल सकेगी। हवा के कणों में सूक्ष्म कणों के कारण फेफड़ों की परेशानी से दो चार होना पड़ता है जबकि रिपोर्ट के मुताबिक, अभी हवा में ऐसे कणों में कमी दर्ज की गई है। वहीं, सीपीसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि साप्ताहिक स्तर पर धूल में मिले कणों से संबंधित रिपोर्ट साक्षा करने की मंत्रालय से भी मांग की गई है।
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