चमोली ग्लेशियर हादसे की जांच करने पहुंची रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान टीम, जानें क्यों हुआ हादसा
Uttarakhand Tragedy, चमोली ग्लेशियर हादसे की जांच करने पहुंची रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान टीम, जानें क्यों हुआ हादसा, क्या कहते है एक्स्पर्ट
Uttarakhand Tragedy: उत्तराखंड में ग्लेशियर के फटने से भारी तबाही मची है। वहीं अब इस घटना की जांच शुरू हो चुकी है। चमोली में ग्लेशियर के फटने के एक दिन बाद उस स्थान का हवाई सर्वेक्षण हुआ। रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान निदेशक लोकेश सिन्हा ने बताया कि आज हमारी टीम जोशीमठ गई, जहाँ से उन्होंने सड़क सर्वेक्षण किया और रैनी गाँव तक पहुँचे। साक्ष्य एकत्र किया गया है।

बता दें उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूट जाने के कारण ऋषिगंगा घाटी में अचानक भयंकर बाढ़ आ गई। हालांकि ऋषिगंगा में आई जल प्रलय का वेग अलकनंदा नदी में आते-आते थम गया। इस घटना में पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान हुआ और कम से कम दस लोगों की मौत हो गई तथा 143 लापता हैं।
रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान निदेशक लोकेश सिन्हा ने बताया कि वास्तव में उस स्थान पर क्या हुआ इसकी शुरुआती रिपोर्ट तैयार की है और इसे मुख्लायल और गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है। निदेशक ने बताया कि उस क्षेत्र में कई सार ग्लेशियर है जो उस दिन टूटा और जिसके कारण तबाही आई वो लटका हुआ था। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि जो ग्लेशियर की लटकी हुई बर्फ की पूरी चादर पहाड़ पर गिरी जिसकी वजह से भूस्खलन हुआ और फिर मलबा नदी में आ गया और तेज बहाव के कारण बहा और बाढ़ की शक्ल ले ली।
वहीं डीआरडीओ के बर्फ और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (एसएएसई) के वैज्ञानिक उत्तराखंड हवाई मार्ग से पहुंचे और गृह मंत्रालय ने बताया कि डीआरडीओ-एसएएसई के वैज्ञानिकों का एक दल बीती रात देहरादून के लिए विमान से रवाना हुआ। जो निरीक्षण करने और प्राथमिक जानकारी एकत्रित करने के लिए जोशीमठ इलाके के लिए निकल रहा है।












Click it and Unblock the Notifications