भारत-चीन तनाव: पूर्वी लद्दाख पर रक्षा मंत्रालय ने जारी की साल के अंत में समीक्षा, बताई अहम बातें
नई दिल्ली, 31 दिसंबर: भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में तनाव को लेकर रक्षा मंत्रालय ने साल के अंत में भारतीय सेना के संचालन पर समीक्षा की है। इस दौरान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एलएसी पर एक से अधिक क्षेत्रों में सेना की ओर से यथास्थिति को बदलने के लिए चीनियों की तरफ से एकतरफा और उत्तेजक कार्रवाइयों का पर्याप्त तरीके से उपाय किया गया है। मंत्रालाय ने बताया कि जिन गतिरोध वाली जगहों में दोनों देशों के सैनिक सीमा से पीछे नहीं हटे हैं, उन इलाकों में सैनिकों की संख्या को पर्याप्त रूप से बढ़ाया गया है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना ने भारत के दावों को सुनिश्चित करते हुए चीनी सैनिकों का दृढ़ और शांतिपूर्ण तरीके से निपटना जारी रखा। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और सैन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण और सैनिकों की तैनाती के मद्देनजर भारतीय सेना को भी पुनर्गठित और ठीक करने जैसा बनाया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया की चीन से तनाव के बीच उत्तरी सीमाओं के साथ बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है, जिसमें सड़कें, हर मौसम में संपर्क के लिए सुरंगें, चार रणनीतिक रेलवे लाइनें, ब्रह्मपुत्र पर अतिरिक्त पुल शामिल हैं।
साथ ही कहा कि निरंतर संयुक्त प्रयासों के बाद कई स्थानों पर विघटन किया गया है। उन क्षेत्रों में बल का स्तर जहां अभी तक विघटन नहीं हुआ है, पर्याप्त रूप से बढ़ाया गया है। एलएसी पर एक से अधिक क्षेत्रों में बल द्वारा यथास्थिति को बदलने के लिए चीनियों द्वारा एकतरफा और उत्तेजक कार्रवाइयों का पर्याप्त जवाब दिया गया है।












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