बिपिन रावत की मांग के बाद आज रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था DAC ने लिया फैसला, 72,400 असॉल्ट राइफलें और 93,895 कार्बाइनों की होगी खरीद
बिपिन रावत की मांग के बाद आज रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था
नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) ने सीमाओं पर तैनात सैनिकों की तत्काल आवश्यकता को पूरा करने के लिए 3547 करोड़ रुपये में 72,400 असॉल्ट राइफलें और 93,895 कार्बाइनों की खरीद को मंजूरी दे दी है।

रावत ने की थी प्रेस वार्ता
गौरतलब है कि यह फैसला थल सेना प्रमुख बिपिन रावत की प्रेस वार्ता के बाद लिया गया है। प्रेस वार्ता में रावत ने कहा था कि हमें आधुनिक हथियार और तकनीक चाहिए जिससे भविष्य के युद्ध के लिए हम तैयार हो सके।

आधुनिक पीढ़ी की आठ लाख 18 हजार 500 असॉल्ट राइफलों की जरूरत
बीते साल अक्टूबर में आई खबरों के मुताबिक सूत्रों का कहना था कि सेना को आधुनिक पीढ़ी की आठ लाख 18 हजार 500 असॉल्ट राइफलों, चार लाख 18 हज़ार 300 सीक्यूबी, 43 हजार 700 हल्की मशीनगनों और साढ़े पांच हजार से अधिक स्नाइपर राइफलों की जरूरत हैं।

बेसिक हथियारों की कमी
एक रिपोर्ट में बताया गया था कि थल सैनिकों के पास राइफल्स, स्नाइपर गन, लाइट मशीनगन और कार्बाइन जैसे बेसिक हथियारों की कमी है। ऐसी स्थिति तब है जब भारतीय सेना दुनिया की ताकतवर सेनाओं में गिनी जाती है। छपी खबर के मुताबिक बीते एक दशक के दौरान दूसरे देशों से हथियार मंगाने से संबंधित परियोजनाएं बार-बार रद्द हुई हैं। दूसरी तरफ विकल्प के रूप में विकसित किए गए स्वदेशी हथियार कसौटी पर खरे उतरने में विफल रहे हैं।












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