दुमका केस: मृतक छात्रा नाबालिग, CWC ने SP से POCSO एक्ट के तहत धाराएं जोड़ने को कहा
झारखंड के दुमका में 12वीं छात्रा को जिंदा जलाने के मामले में बाल कल्याण समिति (CWC) ने संज्ञान लेते हुए बुधवार को एसपी से मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत धाराएं जोड़ने की सिफारिश की।
दुमका, 31 अगस्त: झारखंड के दुमका में 12वीं छात्रा को जिंदा जलाने के मामले में बाल कल्याण समिति (CWC) ने संज्ञान लेते हुए बुधवार को एसपी से मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत धाराएं जोड़ने की सिफारिश की। बाल कल्याण समिति ने बताया कि मृतक की उम्र 15 वर्ष थी, न कि 19 वर्ष। पुलिस ने मामाला दर्ज करते वक्त 19 साल का उल्लेख किया है। जबकि मृतका की उम्र 15 साल थी। दुमका जनसंपर्क कार्यालय ने यह जानकारी दी है।

CWC अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने कहा कि हमने स्वत: संज्ञान लिया है। मृतका के घर पर हमने उसके प्रमाणपत्रों की जांच की और पाया कि वह 15 साल 9 महीने की थी। एसपी को पोक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ने और सख्त कार्रवाई करने की सलाह दी। पीएस इंचार्ज ने उस दिन हमें फोन किया कि हमारा सुझाव जोड़ दिया गया है।
मीडिया से हमें पता चला
अमरेंद्र कुमार ने कहा कि हमें मीडिया के माध्यम से पता चला कि लड़की ने कहा था कि वह 19 साल की है। हमें नहीं पता कि क्या हुआ था, मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज किया गया था। इसलिए, यह केवल मजिस्ट्रेट ही कह सकते हैं कि लड़की ने उस समय क्या कहा था।
पुलिस ठीक से नहीं सुन पाई- मृतका के पिता
वहीं मृतक छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की उम्र 16 वर्ष है। उन्होंने कहा कि जब वो अपना बयान दे रही थी तब पुलिस ठीक से नहीं सुन पाई। जलने की वजह से वह अच्छी स्थिति में नहीं थी। कहा कि दर्ज केस में उम्र ठीक करने के लिए पुलिस ने उनके आधार कार्ड और दसवीं का सर्टिफिकेट लिया है।
यह भी पढ़ें- दुमका केस: शाहरुख के भाई ने पीड़िता परिवार से पुलिस में खबर न करने की लगाई थी गुहार, परिजन बोले यही भूल..












Click it and Unblock the Notifications