मौत का सन्नाटा पसरा नेपाली एंबेसी में
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) राजधानी के फिरोजशाह रोड पर स्थित विशाल नेपाल दूतावास के दफ्तर में मौत का सन्नाटा पसरा है। जब से नेपाल को जलजलें ने बर्बाद किया है,तब से इधर का मंजर भी अलग तरह का है। इधर काम करने वाले नेपली नागरिक बड़ी ही मुश्किल से काम कर पा रहे हैं। सबके जेहन में अपने देश और परिवारजनों को लेकर ही ख्याल आ रहे हैं।
आज सुबह यहां पर काम करने वाले एक डिप्लोमेट श्री एस. छत्री से बात हुई। वे कहने लगे कि नेपाल में जो कुछ हुआ है, उससे सारा स्टाफ सन्न है। स्तब्ध है। सब लोग शोकाकुल है। कुछ समझ नहीं आ रहा कि अब क्या होगा । किस तरह से देश फिर से खड़ा होगा।
बड़ा परिसर
नेपाल दूतावास का परिसर विशाल है। सिर्फ अमेरिका और चीन के दूतावासों के परिसरों से ही छोटा होगा। करीब 8-10 एकड़ में फैला हुआ है। आमतौर पर सारे दूतावास और उच्चायोग चाणक्यपुरी इलाके में हैं, पर ये राजधानी के दिल में है।
सब करें मदद
नेपाल दूतावास सुबह 9 बजे खुल जाता है। आज सुबह कई बार फोन करने के बाद वीजा सेक्शन में एक भद्र महिला ने फोन उठाया। नाम तो नहीं बताया। पर बेहद गमगीन आवाज में कहा कि नेपाल को भारत समेत दुनिया के सभी देशों से मदद की जरूरत है। भारत से तो खासतौर पर। नेपाल तो भारत को अपना अभिन्न मित्र और बड़ा भाई ही मानता है।
नेपाल दूतावास में करीब 250 लोगों का स्टाफ है। रोज यहां से काफी लोगों को नेपाल जाने के लिए वीजा जारी होता है।नेपाल मामलों के जानकार पुष्परंजन ने कहा कि नेपाल की जनता ने इस तरह की बड़ी त्रास्दी को नहीं देखा है। वे हिल गई गई है। उसे भारत से हर तरह की मदद की दरकार है।













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